
रायपुर. विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र के बीच में ही किसानों ने कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार के खिलाफ जमकर हल्ला बोला। हजारों की संख्या में इकट्ठे हुए आंदोलनकारी विधानसभा घेराव के लिए निकले। लेकिन पहले से चाकचौबंद व्यवस्था करके रखे हुए पुलिस प्रशान ने प्रदर्शनकारियों को बीच में ही रोक दिया। विरोध करने पर पुलिस और आंदोलनकारी किसान-कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की जमकर तू तू मैं मैं और झूमझटकी हुई। कार्यकर्ताओं ने बैरिकेट्स तोड़कर आगे जाने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया, सचिव कमलेश्वर पटेल, अरूण उरांव के साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल के आलावा सभी दिग्गज नेताओं ने गिरफ्तारियां दी।
किसान संगठन बीते दो दिनों से धान बोनस समेत कई मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस प्रदर्शन में कांग्रेस ने भी उनका साथ दिया। संयुक्त रुप से दोनों विधानसभा घेराव के लिए निकले। लेकिन पुलिस को पहले से ही अंदाजा था कि ये उग्र प्रदर्शन होने वाला है इसलिए पुलिस ने पहले से ही कड़ी व्यवस्था कर रखी थी। आंदोलनकारियों को सम्हालने के लिए एक हजार से अधिक पुलिस जवानों की तैनाती की गई। विधानसभा के रास्ते में पुलिस ने तीन बैरिकेट्स बनाए थे। इनमें से दो को प्रदर्शनकारियों ने तोड़ दिया लेकिन तीसरे बैरिकेट्स से पहले ही पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस के साथ कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के साथ जमकर झूमाझटकी देखने को मिला। पुलिस ने दिग्गज नेताओं को गिरफ्तार भी किया।
गिरफ्तारी देते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार किसानों के दर्द को नहीं समझ रही है। सरकार को लगता है कि धान के बोनस की घोषणा से ही किसान खुश हैं। लेकिन यदि ऐसा होता तो एक हफ्ते के अंदर ही तीन किसान आत्महत्या जैसा कदम क्यों उठाते। प्रदेश के कई जिलों में सूखे की स्थिति है। किसान कर्ज से दबा जा रहा है लेकिन सरकार गंभीरता से इसे लेकर कोई खास प्लानिंग नहीं कर रही है न ही किसानों के हित में कोई फैसला ले रही है। इतना ही नहीं आंदोलन करने वाले किसानों की आवाज को भी दबाया जा रहा है। इसलिए घेराव करने वाले किसानों की एक दिन पहले ही गिरफ्तारियां की गई हैं।
Published on:
22 Sept 2017 05:38 pm
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