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Chhattisgarh Culture :छत्तीसगढ़ के मेले… भक्ति और हर्ष उल्लास के साथ होता है आयोजन, बचपन में रहता था बेसब्री से इंतजार, फोटो देख ताजा हो जाएगी यादें

Chhattisgarh Art And Culture : विविधतापूर्ण से छत्तीसगढ़ राज्य में विभिन्न स्वरुप के मेलों का लंबा सिलसिला है।राज्य में आयोजित होने वाले मेले बहुरंगी छटा के साथ राज्य की सांस्कृतिक सम्पन्नता के जीवान्त उत्सव हैं।

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Chhattisgarh Art And Culture

Bastar Ka Mela: यह विश्वप्रसिद्ध आदिवासी मेला है, जो अक्टूबर माह में आयोजित होता है। इसमें लकड़ी का एक विशाल रथ बनाया जाता है जिसे हजारों आदिवासी श्रद्धापूर्वक खींचते हैं। इसका उत्सव कई महीनों से प्रारम्भ हो जाता है।

Narayanpur Mela: यह फरवरी माह में नारायणपुर में लगने वाला आकर्षक मेला है। इस मेले में काफी संख्या में विदेशी पर्यटक भी भाग लेते हैं।

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Rajim Ka Mela : संगम के कारण राजिम तीर्थस्थल के रूप में जाना जाता है । राजिम ‘तीर्थराज प्रयाग’ के नाम से प्रसिद्ध है। गरियाबंद जिले में स्थित इस संगम नगर में शिवरात्रि के अवसर पर मेला लगता है। यह मेला एक माह तक चलता है।

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RatanPur Ka Mela : रतनपुर स्थित महामाया देवी के मंदिर में नवरात्रि के अवसर पर इस मेले का आयोजन होता है।

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ShavriNarayan Ka Mela : यह मेला प्रतिवर्ष शिवरीनारायण में माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक आयोजित होता है। इसमें लाखों तीर्थयात्री भाग लेते हैं।