
मुख्य चुनाव आयुक्त का रायपुर दौरा, कहा - सोशल मीडिया और फेक न्यूज पर होगी कड़ी निगरानी
रायपुर. निर्वाचन आयोग ने प्रदेश में चल रही विधानसभा चुनाव की प्रशासनिक तैयारियों पर असंतोष जाहिर किया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओपी रावत, निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा और अशोक लवासा पिछले दो दिनों से मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, कलक्टरों-पुलिस अधीक्षकों और विभिन्न विभागीय अफसरों से तैयारियों पर चर्चा कर रहे थे।
बाद में संवाददाताओं से चर्चा में मुख्य निर्वाचन आयुक्त रावत ने कहा, चुनाव के लिए कुछ काम हुए हैं, लेकिन अभी यहां बहुत काम करना बाकी रह गया है। उनका कहना था, आदर्श आचार संहिता को लेकर आयोग अलर्ट है, किसी सूरत में इसका उल्लंघन नहीं होने दिया जाएगा। उनका कहना था, आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। आयोग इसकी व्यवस्था कर रहा है। इस व्यवस्था में शिकायतकर्ता का नाम भी गुप्त रखा जाएगा।
जांच में शिकायत सही मिली तो कार्रवाई भी होगी। उन्होंने कहा, गैर जमानती वारंट लेकर काम में तेजी लाने को कहा गया है। जरूरत पड़ी तो जेल के भीतर भी छापा मारा जाएगा, ताकि वहां से कोई चुनाव को प्रभावित न कर पाए। उनका कहना था, राज्य में कुल 23 हजार 632 मतदान केंद्र बनाए जा रहे हैं। सभी केंद्रों पर वीवीपीएटी मशीन का इंतजाम रहेगा। सीसीटीवी और वीडियोग्राफी की निगरानी में सारे मतदान केंद्र रहेंगे, ताकि, किसी तरह की गड़बड़ी न हो सके।
आयोग ने सोशल मीडिया और फेक न्यूज पर सख्त निगरानी की भी बात कही है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा, इसके लिए अलग सेल बनाया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया, राज्य सरकार को निर्देश दिया गया है कि अफसरों के बारे में वे आश्वस्त करें कि वे निष्पक्ष हैं। वे किसी राजनीतिक दल से प्रेरित नहीं है। उन्होंने कहा, किसी भी आइएएस, आइपीएस अधिकारी के खिलाफ किसी राजनीतिक दल से प्रेरित होने की सूचना मिलेगी तो उन्हें तत्काल हटा दिया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा, विभिन्न राजनीतिक दलों ने शराब वितरण पर रोक लगाने की मांग की है। इसे संज्ञान में लिया गया है। उन्होंने कहा, आयोग शराब पर नजर रखेगा।
Published on:
02 Sept 2018 08:41 am
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