
बीए थर्ड ईयर में मुस्कान को नहीं लिया गया है।
ताबीर हुसैन @ रायपुर. छालीवुड की मासूम अदाकारा मुस्कान साहू ने राजनीति में कदम रख लिया है। उन्होंने आप की विचारधारा से प्रभावित होकर रविवार को प्राथमिक सदस्यता ली। वे कहती हैं ऐसा कोई इरादा तो नहीं था लेकिन जब मुझे ऑफर मिला तो हां कर दिया। पॉलिटिक्स ज्वाइन करने का मकसद कलाकरों के हक के लिए आवाज उठाना है। अभी मुझे कोई पोस्ट तो नहीं मिली है लेकिन जो भी जिम्मेदारी मिलेगी काम करूंगी। बीए फस्र्ट ईयर के बाद डार्लिंग प्यार झुकता नहीं से चर्चे में आई मुस्कान के इस कदम से हर कोई हैरत में है। वे कहती हैं शनिवार को आप के प्रदेश अध्यक्ष से बात हुई थी और अगले दिन राजधानी में मैंने सियासत का दामन थाम लिया। राजनीति के साथ-साथ फिल्में भी करूंगी।
मैंने सदस्यता ही नहीं ली, तो छोडऩे की बात नहीं
अभिनेता अनुज शर्मा को लेकर विधानसभा से लोकसभा में टिकट को लेकर चर्चा चली थी। बिलासपुर से भाजपा से लोकसभा टिकट के लिए भी चर्चाएं थीं। हालांकि वे कहते हैं कि मैंने कभी कोई पार्टी ज्वाइन नहीं की। जब सदस्यता ही नहीं ली तो छोडऩे का सवाल नहीं। वहीं, एक्टर प्रकाश अवस्थी ने बताया, मैंने महासमुंद लोकसभा से टिकट मांगा था, नहीं मिली इसलिए ज्वाइन ही नहीं किया।
ये भी हैं पार्टी में
मोना सेन - भाजपा
राजेश अवस्थी - भाजपा
वीणा शेंद्रे- कांग्रेस
कौन है मुस्कान
मैं धमतरी के गांव की हूँ। शादी के बाद गरियाबंद में रहने लगी। अभी फिल्मों में काम कर रही हूँ। इसका सारा श्रेय ससुराल वालों को जाता है। मेरी शुरुआत लोककला मंच से हुई है। मेरे पिता साइकिल पर लेकर जाया करते थे। मिडिल क्लास फैमिली से बिलॉन्ग करती हूँ। पढ़ाई के दौरान एनएसएस में मैंने कल्चरल इवेंट में मैंने परफॉर्म किया था। वहां गेस्ट के तौर पर मोहन सुंदरानी आए थे। अगले दिन उन्होंने मुझे फोन किया और पूछा हमारे साथ जुड़कर एल्बम्स करना चाहोगी। उनका फोन आना ही मेरे लिए बड़ी बात थी। मैंने बिना देर किए हां कह दिया। एक के बाद एक हिट एल्बम्स दिए।
कैरेक्टर रोल से लीड एक्ट्रेस तक का सफर
एल्बम्स करते हुए मैं फिल्मों में साइड कैरेक्टर भी करने लगी। इसमें मितान 420, गोलमाल, तरी हरी नाना, मया देदी मयारू, छत्तीसगढिय़ा सबले बढिय़ा शामिल है। एक एल्बम ने बीए फस्र्ट ईयर के डायरेक्टर प्रणव झा ने मेरा काम देखा और इसमें लीड रोल ऑफर किया। इस तरह मैं हीरोइन बन गई।
शादी के बाद भी पूरे होते हैं सपने
अक्सर कहा जाता है कि शादी के बाद महिलाएं गृहस्थी में फंस जाती हैं। उनके सपने मर जाते हैं। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। अगर आपको अपने काम पर और परिवार को आप पर भरोसा हो तो वो हर उपलब्धि आप हासिल कर सकती हैं जिसकी आप हकदार हैं।
Published on:
17 Apr 2022 09:38 pm
बड़ी खबरें
View Allरायपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
