5 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

छत्तीसगढ़ में 10 दिसम्बर से कॉलेजों में शुरू हो सकती हैं क्लासेज

- कुलपतियों से अभिमत लेने के बाद स्नातकोत्तर कक्षाएं 10 दिसंबर से- स्नातक कक्षाएं 15 दिसंबर और सभी कक्षाएं 1 जनवरी से खोलने की चर्चा

2 min read
Google source verification
Emergency Care Technician Course begin

सरकारी मेडिकल कॉलेजों में जल्द शुरू होगा इमरजेंसी केयर टेक्नीशियन कोर्स

रायपुर. कोरोना संक्रमण के बीच छत्तीसगढ़ में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में पढ़ाई की शुरुआत 10 दिसम्बर से हो सकती है। इस संबंध में राज्य सरकार प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से अभिमत मंगाएगी। इसके बाद स्नातकोत्तर कक्षाएं 10 दिसंबर से, स्नातक कक्षाएं 15 दिसंबर और सभी कक्षाएं 1 जनवरी से खुल सकेंगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में शनिवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के सुझाव पर चर्चा हुई है।

वहीं अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए आईटीआई को खोलने का फैसला हुआ है। छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस पर हुई इस बैठक की खास बात यह रही कि, इसमें प्रस्तुत समस्त प्रस्तावों पर मुख्यमंत्री सहित मंत्रीपरिषद के सभी सदस्यों ने छत्तीसगढ़ी में अपनी बात रखी। चर्चा की शुरुआत मुख्य सचिव ने छत्तीसगढ़ी में की। कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि प्रदेश में 42 हजार आईटीआई के विद्यार्थी है। अंतिम परीक्षा में सम्मिलित होने वाले प्रशिक्षणार्थियों को प्रायोगिक प्रशिक्षण पूरा कराने के लिए आईटीआई को खोलने का फैसला लिया गया, ताकि ये परीक्षार्थी अखिल भारतीय व्यावसायिक परीक्षा में शामिल हो सकें।

ED ने पूर्व IAS बाबूलाल पर कसा शिकंजा, 27.86 करोड़ की संपत्ति अटैच की

जामगांव (एम) में केंद्रीय प्रसंस्करण इकाई की स्थापना
बैठक में दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड के ग्राम जामगांव (एम) में लघुवनोपज की केन्द्रीय प्रसंस्करण इकाई की स्थापना का फैसला हुआ। इसमें आयुर्वेदिक दवाएं, जड़ी बूटी, शहद , लाख, चिरौंजी, महुआ, बेल, इमली, बांस इत्यादि का प्रसंस्करण होगा। यहां प्राइवेट कंपनी के लोग आएंगे, तो उन्हें भी अवसर मिलेगा।

लाख पालन को मिलेगा कृषि का दर्जा
बैठक में लाख पालन को कृषि का दर्जा देने का फैसला लिया गया है। इससे लाख उत्पादन से जुड़े किसानों को कृषि फसलों के अनुरुप अल्पकालीन कृषि ऋण एवं ब्याज अनुदान की सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।

मंडी शुल्क में भी वृद्धि
बैठक में मंडी शुल्क में वृद्धि करने का फैसला लिया गया है। वर्तमान में धान उपार्जन के एवज में 50 फीसदी से दो रुपए प्रति सैकड़ा मंडी टैक्स लिया जाता था। अब इसमें तीन रुपए तक टैक्स लिया जाएगा। किसान कल्याण के लिए शुल्क तय होगा, जो दो रुपए प्रति सैकड़ा तक हो सकता है।

मानव तस्करी मामले में भाजपा नेत्री रायपुर से गिरफ्तार, गैंग के लिए हवाई टिकट बुक करवाती थी महिला

नवा रायपुर औद्योगिक क्षेत्र की जमीन में 50 फीसदी की छूट
नवा रायपुर में 7500 एकड़ का प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र है। यहां नवा रायपुर के निर्माण के बाद एक भी प्लाट नहीं बिके हैं। इसे देखते हुए औद्योगिक क्षेत्र की प्रीमियम दर 50 फीसदी कम करने का फैसला लिया गया। यहां छूट कैमिकल और प्रदूषण फैलने वाले उद्योगों पर लागू नहीं होगी।

ये हैं अन्य महत्वपूर्ण फैसले
- समर्थन मूल्य पर धान एवं मक्का के उपार्जन और कस्टम मिलिंग की नीति का अनुमोदन।
- प्रदेश के सभी शासकीय संस्थाओं का ऑडिट स्थानीय निधि संपरीक्षा के स्थान पर अब राज्य संपरीक्षा से कराया जाएगा।
- गोठानों से जैविक खाद खरीदने के लिए अलग से नहीं बुलानी होगी निविदा। छत्तीसगढ़ शासन भंडार क्रय नियम 2020 में हुआ संशोधन
- वाहनों के निष्प्रयोज्य में रखे जाने के एवज में अग्रिम में देय मासिक कर जमा किए जाने की छूट अवधि 31 मार्च तक बढ़ी।
- प्रदेश में 7.50 लाख मजदूर की वापसी हुई है। इन सब का पंजीयन किया जाएगा। ये मजदूर देशभर में कहीं भी काम कर सकेंगे। आवश्यकता पडऩे पर सरकार इनकी मदद भी करेगी।
- नगर पालिका निगम रायपुर को गोल बाजार स्थित पूर्व से पट्टे पर आवंटित भूमि को आवंटित किया जाएगा। दर का निर्धारण मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी।
- छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 एवं छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 में संशोधन प्रारूप का अनुमोदन किया।