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Coal Scam: निलंबित IAS रानू साहू, सौम्या चौरसिया और समीर बिश्नोई की बढ़ी मुश्किलें, नई FIR दर्ज… करोड़ों का हुआ था घोटाला

CG Coal Scam: निलंबित आईएएस रानू साहू, समीर विश्नोई और सौम्या चौरसिया की मुश्किलें अब और बढ़ गई है। भ्रष्टाचार करने के आरोप में ईओडब्ल्यू ने गंभीर धाराओं के साथ तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है।

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EOW Action in CG

Chhattisgarh Coal Scam: ईओडब्ल्यू ने कोयला घोटाले में जेल भेजी गई निलंबित आईएएस रानू साहू, समीर विश्नोई और राज्य सेवा के अधिकारी सौम्या चौरसिया के खिलाफ नई एफआईआर दर्ज की है। इसमें तीनों अफसरों द्वारा अपने पद का दुरपयोग करते हुए भ्रष्टाचार करने और आय से अधिक संपत्ति एवं निवेश करने का आरोप लगाया है। तीनों के खिलाफ दर्ज एफआईआर में उनके द्वारा अर्जित की गई चल-अचल संपत्तियों का ब्यौरा दिया गया है। इसकी जांच के बाद ईओडब्ल्यू इन सभी संपत्तियों को अटैच कर सकती है।

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18.34 लाख की चल-अचल संपत्ति

ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज एफआईआर के मुताबिक समीर विश्नोई के अपने एवं पत्नी के नाम राज्य के अलग-अलग स्थानों में 5 करोड़ 12 लाख रुपए की 13 अचल संपत्ति खरीदना बताया गया है। वहीं रानू साहू के अपने और परिजनों के नाम पर 4 करोड़ रुपए से अधिक की 24 अचल संपत्ति खरीदने और सौम्या चौरसिया के अपने और परिजनों के नाम पर 9 करोड़ 22 लाख रुपए की 29 संपत्तियां खरीदने की जानकारी दी गई है।

कोयला घोटाले में रानू साहू और दीपेश को मिली जमानत

ईडी द्वारा दर्ज कोयला घोटाले में न्यायिक रिमांड पर जेल भेजी गई निलंबित आईएएस रानू साहू और कारोबारी दीपेश टांक को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। दोनों को 7 अगस्त तक के लिए अंतरिम जमानत दी है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस भुवन की डबल बेंच ने जमानत के आदेश जारी किए गए है। बचाव पक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने पैरवी की।

हालांकि ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज नई एफआईआर से रानू साहू, उप सचिव सौम्या चौरसिया और समीर बिश्नोई की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। अंतरिम जमानत मिलने के बाद भी ईओडब्ल्यू द्वारा एफआईआर दर्ज करने के कारण रानू साहू को इसका लाभ नहीं मिल पाएगा। बता दें कि कोयला घोटाले में रानू पिछले एक साल और दीपेश टांक डेढ़ साल से जेल में बंद है।