
CG News
CG News: सीतानदी-उदंती टाइगर रिजर्व में पोटाश बम से घायल हुए हाथी के बच्चे की हालत गंभीर बनी हुई है। वन विभाग की टीम लगातार इलाज कर रही है, लेकिन अब तक उसकी स्थिति में कोई विशेष सुधार नहीं हुआ है। शु₹वार को विशेषज्ञों की एक और टीम इस मामले की समीक्षा करने के लिए आएगी, जिसके बाद बच्चे के इलाज को लेकर ठोस निर्णय लिया जाएगा।
माना जा रहा है कि स्तिथि में सुधार नहीं हुआ तो हाथी के बच्चे को जंगल सफारी लाया जा सकता है। सीतानदी-उदंती टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक वरुण जैन ने बताया कि बुधवार को चिकित्सकों टीम ने मौके पर पहुंचकर त्वरित उपचार शुरू किया। हाथी के घायल बच्चे को खाने में कठिनाई हो रही है। गुरुवार को टीम ने उसे 50 छिलके वाले केले दिए, लेकिन वह केवल 15 ही खा सका। इसके अलावा गन्ना और चावल का माठ खाने में भी उसे दिक्कत आ रही है।
घटना स्थल के पास 28 हाथियों का दल भी मौजूद था, लेकिन वह घायल हाथी और उसके बच्चे को छोड़कर 100 किलोमीटर दूर चला गया। इससे बच्चे की स्थिति और जटिल हो गई है। वन विभाग अब इस बच्चे को जल्द से जल्द स्थिर करने की कोशिश कर रहा है, ताकि उसका इलाज किया जा सके और उसे पूरी तरह से ठीक किया जा सके।
उपनिदेशक ने बताया कि शु₹वार को इस मामले में और अधिक विशेषज्ञों की टीम आएगी। इसमें रायपुर से नंदनवन जंगल सफारी और नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क के अधिकारी व चिकित्सक शामिल होंगे। ये विशेषज्ञ उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के अधिकारियों के साथ मिलकर बच्चे की स्थिति का पुन: मूल्यांकन करेंगे। सीसीएफ सतोविशा समाजदार भी इस दौरे का हिस्सा बनेंगे। इसके बाद ही घायल हाथी के बच्चे के इलाज के बारे में कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा। शायद जंगल सफारी भी ले जाया जा सकता है।
Updated on:
29 Nov 2024 11:36 am
Published on:
29 Nov 2024 11:35 am
बड़ी खबरें
View Allरायपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
