
शीतकालीन सत्र: पहले ही दिन प्रदेश सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगी कांग्रेस
रायपुर . छत्तीसगढ़ विधानसभा शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन विपक्ष सरकार के खिलाफ अविश्वास का हथियार इस्तेमाल करने जा रहा है। सोमवार देर रात तक चली विधायक दल की बैठक में प्रस्ताव के बिंदुओं और उसके मसौदे को लेकर चर्चा हुई।
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तय हुआ कि सुबह विधानसभा पहुंचते ही सबसे पहले विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल को अविश्वास प्रस्ताव की सूचना दे दी जाएगी। कायदे के मुताबिक विधानसभा अध्यक्ष इसकी जानकारी सदन को देंगे। अगर कम से कम 9 विधायक इस सूचना के समर्थन में खड़े होते हैं तो अध्यक्ष को इसे चर्चा के लिए स्वीकार करना होगा। उसके बाद चर्चा का समय निर्धारित होगा।
बताया जा रहा है निर्धारित समय से 24 घंटे पहले विपक्ष को आरोपपत्र की एक-एक प्रति विधानसभा अध्यक्ष व मुख्यमंत्री को देनी होगी। पिछली बार आरोपपत्र के बिंदुओं का पहले ही प्रकाशन होने को लेकर हुई आपत्तियों से संभली कांग्रेस इस बार अपने पत्ते नहीं खोल रही है।
शिक्षाकर्मी और किसानों का मसला भी आएगा
सत्र में शिक्षाकर्मियों की हड़ताल और किसानों की आत्महत्या और उनके आंदोलन को दबाने के लिए हुई ज्यादतियों का मसला भी उठेगा। इसके लिए कांग्रेस काम रोको प्रस्ताव लाने वाली है। कई भ्रष्टाचार के मसले और हाथियों का शहरों के नजदीक तक आने का मसला ध्यनाकर्षण के जरिए सदन में उठेगा।
वरिष्ठ नेताओं को हमले की जिम्मेदारी
हमेशा की तरह इस बार भी सरकार पर गंभीर हमलों की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेताओं भूपेश बघेल , सत्यनारायण शर्मा, धनेंद्र साहू, मोतीलाल देवांगन, कवासी लखमा के हाथ होगी। मनोज मंडावी, मोहन मरकाम, दीपक बैज और उमेश पटेल दूसरी पंक्ति के हमलावरों में रहेंगे।
Published on:
19 Dec 2017 01:16 pm
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