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MP के CM मोहन यादव ने पर्वतारोही को ‘माउंटेन मैन’ कहा, रायपुर में दायर हुई याचिका, कल आएगा फैसला

Chhattisgarh News: राहुल गुप्ता के कानूनी प्रतिनिधियों का कहना है कि ‘माउंटेन मैन’ नाम के इस्तेमाल से मीडिया, समाज और संभावित प्रायोजकों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हुई...
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MP CM Mohan yadav

MP के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और रायपुर कोर्ट ( Photo - patrika )

Raipur News: ताबीर हुसैन की रिपोर्ट. किसी पर्वतारोही को ‘माउंटेन मैन’ कहना मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के लिए कानूनी विवाद की वजह बन गया है। जबलपुर के पर्वतारोही अंकित सेन को ‘माउंटेन मैन’ बताते हुए 5 लाख रुपए की सहायता देने वाली मुख्यमंत्री कार्यालय की सोशल मीडिया पोस्ट अब रायपुर की अदालत तक पहुंच गई है। छत्तीसगढ़ के प्रथम माउंट एवरेस्ट विजेता राहुल गुप्ता ने इस नाम के इस्तेमाल पर आपत्ति जताते हुए अदालत का रुख किया है।

Chhattisgarh News: 11 अगस्त को होगी सुनवाई

अदालत ने मामले में संज्ञान लेते हुए 11 अगस्त को सुनवाई तय की है। राहुल गुप्ता के कानूनी प्रतिनिधियों का कहना है कि ‘माउंटेन मैन’ नाम के इस्तेमाल से मीडिया, समाज और संभावित प्रायोजकों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हुई। उनका दावा है कि इससे राहुल गुप्ता की लंबे समय में तैयार हुई ब्रांड वैल्यू, गुडविल और व्यावसायिक उपक्रम प्रभावित हुए हैं।

ट्रेडमार्क नंबर 3313526 का भी उल्लेख

पूरा विवाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से जारी उस पोस्ट को लेकर है, जिसमें अंकित सेन को ‘माउंटेन मैन’ संबोधित करते हुए उनकी अगली पर्वतारोहण यात्रा के लिए 5 लाख रुपए की सहायता देने की घोषणा की गई थी। राहुल गुप्ता की ओर से दायर याचिका में दावा किया गया है कि ‘माउंटेन मैन’ नाम भारत सरकार के ट्रेड मार्क्स एक्ट, 1999 के तहत क्लास 41 में उनके नाम से पंजीकृत है। याचिका में ट्रेडमार्क नंबर 3313526 का भी उल्लेख किया गया है।

नोटिस के बाद अदालत की शरण

राहुल गुप्ता की ओर से कहा गया है कि धारा 80, सीपीसी के तहत आवश्यक वैधानिक अवधि पूरी होने के बाद अदालत की शरण ली गई। मामले में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के वकीलों की टीम उनकी ओर से पैरवी कर रही है। अदालत में यह मामला कितना आगे बढ़ता है और ‘माउंटेन मैन’ नाम के इस्तेमाल को लेकर क्या कानूनी दिशा तय होती है, यह सुनवाई के बाद स्पष्ट होगा।