
CORONA VACCINE : क्या रूसी वैक्सीन ‘स्पूतनिक-वी’ के लिए भ्रम फैला रहे हैं यूरोपीय देश ?
रायपुर. देश व प्रदेश में कोरोना के बढ़ते खतरे ने एक बार फिर लोगों के अंदर डर पैदा कर दिया है। यह डर एक प्रकार से अच्छा भी है, जो टीकाकरण की महत्ता को बढ़ा रहा है। राज्य में बीते 3 दिनों के अंदर टीकाकरण का प्रतिशत काफी बढ़ा है। अब 86.48 प्रतिशत यानी 2,64,001 हेल्थ केयर वर्कर्स में से 2,28,317 को कोरोना का पहला डोज लग चुका है। बाकी में गर्भवती महिला स्टाफ हैं और कुछ ऐसे लोग हैं जो स्वेच्छा से टीके नहीं लगवा रहे हैं। वहीं 9 दिनों में 18.29 प्रतिशत को दूसरा डोज भी लग गया है।
उधर, फ्रंट लाइन वर्कर्स भी जागरूक हुए हैं। इनका प्रतिशत भी बढ़ा है। अब तक 67.23 फ्रंट लाइन वर्कर्स जिनमें पुलिस, अद्र्धसैनिक बल, प्रशासन, नगर निगम और राजस्व के कर्मचारी-अधिकारी शामिल हैं, टीका लगवा चुके हैं। अब माना जा रहा है कि डर की वजह से लोगों का वैक्सीन पर भरोसा बढ़ा है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक फ्रंटलाइन, हेल्थ केयर वर्कर्स के लिए अभी पर्याप्त कोरोना वैक्सीन है। वहीं कोवैक्सीन भी हैं, जिनके तीसरे चरण के ट्रायल के नतीजे आने के बाद राज्य सरकार लगाने की अनुमति देगी।
पहली डोज के 90 प्रतिशत टीकाकरण वाले जिले
बस्तर में 104 और सरगुजा में 103.98 प्रतिशत टीकाकरण हो चुका है, जो सर्वाधिक है। बालोद, कोरबा, कोरिया, महासमुंद, रायगढ़, सुकमा, सूरजपुर में 90 प्रतिशत से अधिक हेल्थ केयर वर्कर्स को पहला डोज लगा चुका है। रायपुर में यह प्रतिशत 79.01 है।
आज जारी होगी टीकाकरण गाइडलाइन
बुजुर्गों और 45 से अधिक आयुवर्ग वाले बीमार व्यक्तियों के टीकाकरण को लेकर शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय राज्य स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इस दौरान टीकाकरण की गाइड-लाइन जारी होने की पूरी संभावना है। इसी गाइड-लाइन पर राज्य स्वास्थ्य विभाग तैयारियों में जुटेगी।
स्वास्थ्य विभाग के राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. अमर सिंह ठाकुर ने कहा, टीकाकरण के प्रति अब रूझान दिख रहा है। जहां तक बुजुर्गों को लगने वाले टीकों का सवाल है, तो इसे लेकर केंद्र से गाइड-लाइन नहीं मिली है। जैसी ही मिलेगी, उस दिशा में आगे बढ़ेंगे।
इन आंकड़ों से समझें
पहला डोज-
86.48- हेल्थ केयर वर्कर्स
67.23- फ्रंट लाइन वर्कर्स
दूसरा डोज-
18.29- हेल्थ केयर वर्कर्स
(सभी आंकड़े प्रतिशत में हैं)
तीन बड़ी चुनौतियां
1- बुजुर्गों का पंजीयन कैसे होगा? क्या कोविन एप से होगा। अगर होगा तो करवाएगा कौन?
2- इन्हें कोरोना का टीका लगना है तो इसकी जानकारी कैसे पहुंचेगी?क्योंकि गांवों में अधिकांश मोबाइल यूजर्स नहीं है।
3- इन्हें जागरूक करने के लिए केंद्र-राज्य क्या करेंगे?
Published on:
26 Feb 2021, 2:01 PM IST
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