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मंत्रिपरिषद की बैठक : रायपुर में विश्व स्तरीय बस अड्डा बनने का रास्ता साफ, दूधाधारी मठ को पिपरौद में दी जाएगी 26 एकड़ जमीन

प्रचलित जलदरों के पुनर्निर्धारण का अनुमोदन छत्तीसगढ़ राज्य में शासकीय अथवा नैसर्गिक स्रोत से औद्योगिक प्रयोजन, ताप विद्युत तथा जल विद्युत परियोजनाओं के लिए जल उपयोग हेतु 24 फरवरी 2016 से प्रचलित जलदरों के पुनर्निर्धारण का अनुमोदन किया गया।

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मंत्रिपरिषद की बैठक : रायपुर में विश्व स्तरीय बस अड्डा बनने का रास्ता साफ, दूधाधारी मठ को पिपरौद में दी जाएगी 26 एकड़ जमीन

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में गुरुवार को मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। , मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में गुरुवार को मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। , मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में गुरुवार को मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं।

रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में गुरुवार को मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। बैठक में रायपुर में अंतर्राज्यीय बस स्टैण्ड निर्माण के लिए श्री बालाजी स्वामी श्री दुधाधारी मठ रायपुर की 26 एकड़ जमीन के बदले ग्राम पिपरौद स्थित शासकीय भूमि से अदला-बदली का निर्णय लिया गया। इससे राज्यवासियों को अतिशीघ्र विश्व स्तरीय अंतर्राज्यीय बस स्टैण्ड की सुविधा प्राप्त हो सकेगी। एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय रायबहादुर भूतनाथ डे चेरिटेबल ट्रस्ट बूढ़ापारा रायपुर का भवन, जहां वर्तमान में हरिनाथ अकादमी का स्कूल संचालित है, को राज्य सरकार द्वारा स्वामी विवेकानंद स्मारक के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके बदले में डे चेरिटेबल ट्रस्ट को मलेरिया क्षय रोग अस्पताल कालीबाड़ी में भूमि प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में जो अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं,उनमें छत्तीसगढ़ कृषि उपज मण्डी (संशोधन), अध्यादेश 2019 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। पूर्व में स्टॉक सीमा 10 क्विंटल और क्रय सीमा 4 क्विंटल थी जिसे आज केबिनेट में बढ़ाया गया। जिसके तहत छोटा व्यापारी अब एक दिन में सभी अधिसूचित कृषि उपज का अधिकतम 20 क्विंटल स्टाक तथा एक दिन में अधिकतम 5 क्विंटल धान्य से या तिलहनों, दालों तथा तन्तु फसलों को मिलाकर कुल 5 क्विंटल तक क्रय कर सकेगा।
इसी प्रकार छत्तीसगढ़ कृषि उपज मण्डी (संशोधन), विधेयक 2019 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। जिसमें राज्य सरकार द्वारा प्रदेश की मंडियों में तुलैया एवं हम्मालों की प्रचलित पारिश्रमिक दरों में समरूपता लाने की दृष्टि से न्यूनतम पारिश्रमिक दर अधिसूचित करने, मण्डी समितियों में किसानों के हितों के संरक्षण और उनको उचित प्रतिनिधित्व देने भारसाधक समिति के गठन का निर्णय लिया गया।
इसी प्रकार छत्तीसगढ़ राज्य की इलेक्टॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी समर्थित सेवाओं में निवेश की नीति 2014-19 के क्रियान्वयन की समयावधि आगामी निवेश की नीति 2019-24 लागू होने की तिथि तक बढ़ाए जाने का अनुमोदन किया गया।
राज्यगीत का होगा मानकीकरण
राज्य शासन द्वारा साहित्यकार डॉ. नरेन्द्र देव वर्मा द्वारा लिखित गीत ''अरपा पइरी के धार, महानदी हे अपार'' को राज्यगीत अधिसूचित किया गया है। राज्यगीत को छत्तीसगढ़ के लोकगायकों द्वारा वाद्ययंत्रों के साथ गाए जाने पर गीत की वंदन अवधि 6 मिनट 36 सेकण्ड की है। जबकि राष्ट्रगान की वंदन अवधि 52 सेकण्ड है। राज्यगीत के वंदन के अवसर पर प्राय: मुख्यमंत्री, अन्य अति विशिष्टजन और जनसमूह उपस्थित रहते हैं। अत: राज्य गीत का वंदन सम्मानपूर्वक किए जाने हेतु इसकी अवधि 1 से 2 मिनट सीमित करते हुए तद्नुसार राज्य गीत का मानकीकरण करने का निर्णय लिया गया।