
पत्रिका@रायपुर। शहर के रंग मंदिर प्रेक्षागृह में कोर्ट मर्शाल नाट्क का मंचन किया गया।

नाट्क के माध्यम से एक सैनिक की कहानी को देखा गया।

सैनिक अपने अधिकारी की हत्या और जान लेवा हमला का आरोप झेल रहा था।

नाट्क में दिखाया गया था कि सांमतवाद और जातिवाद के वजह जीवन जीने के लिए परेशानी बन जाती है।

परििस्थतियां खराब होने पर अपने ही अधिकारी की हत्या सैनिक कर देता है। इस वजह से आफिसर पर कोर्ट मार्शल होता है। समाज में अब भी सांमतवाद और जातिवाद पर सवाल उठाते नाट्क समाप्त हो जाता है।