
धमतरी. जिले की श्रीवेदमाता गौशाला में २०० से ज्यादा गायों के मरने के मामले में बुधवार को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद नया मोड़ आ गया है। रिपोर्ट आने के बाद पशु पालन विभाग के उप संचालक डॉ.महेश बघेल का कहना है, गायों की मौत भूख नहीं ठंड लगने से हुई है। मृत गायों का ३ सदस्यीय टीम ने पोस्टमॉर्टम किया था। उधर, कलक्टर डॉ. सीआर प्रसन्ना ने बुधवार को गौशाला का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने पशुपालन विभाग द्वारा मुहैय्या कराई जा रहीं आवश्यक सुविधाओं का मुआयना किया। गौशाला की 159 गायों को समीप की अन्यत्र गौशाला में 2-3 दिन के अंदर स्थानांतरित करने के निर्देश उप संचालक को दिए हैं। मामले का खुलासा मिलने के बाद यह बात सामने आई थी कि वहां सिर्फ 1 गाय और 3 बछड़े ही बचे हैं।
मासिक किराए पर गौ संचालक ने ली थी जमीन : मगरलोड तहसीलदार ने बताया कि 3.35 एकड़ में फैली उक्त जमीन दुर्जन सिंह गोंड़ के नाम पर है। उक्त व्यक्ति द्वारा मासिक किराए पर गरियाबंद जिले के ग्राम कोपरा निवासी मनहरण सिंह जो कि इसका संचालक है, को दिया गया है, जिन्हें इस घटना के बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। चूंकि यह स्थल जंगल में स्थित है, इसलिए इसकी जानकारी ग्रामीणों को नहीं थी।
प्रशासन सतर्क रहता तो इतनी मौतें नहीं होती : कांग्रेस जांच दल
पीसीसी के निर्देश पर बुधवार को विधायक गुरुमुख सिंह होरा के नेतृत्व मे कांग्रेस की नौ सदस्यीय जांच समिति ने राजाडेरा स्थित वेदमाता गायत्री गौशाला का निरीक्षण कर बताया कि यहां करीब एक हजार गायें थी, जिसमें से मात्र 159 गाय बची हैं। शेष अन्य गाय कहां चली गई, इसका कोई अता-पता नहीं है। जिला प्रशासन यदि प्रारंभ में ही गौशाला में संचालित तस्करी समेत अन्य संदिग्ध गतिविधियों को लेकर सतर्क रहता, तो यह घटना नहीं होती। इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। जांच टीम में विधायक होरा, माधव सिंह ध्रुव, लेखराम साहू, अंबिका मरकाम, मोहन लालवानी, पंकज महावर, नीलम चन्द्राकर, तपन चन्द्राकर तथा राजेश साहू शामिल थे। टीम ने गौशाला का निरीक्षण करने के बाद ग्रामीणों से मुलाकात की।
Published on:
28 Dec 2017 10:51 am

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