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बूढ़ातालाब सौंदर्यीकरण में करोड़ों रुपए खर्च, अब देखरेख के अभाव में हो रहा कबाड़

- बंद पड़ा है लेजर लाइट- हाथी, घोड़े गायब, डीजे बंद

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रायपुर। स्मार्ट सिटी व नगर निगम द्वारा करोड़ों की लागत से छह सौ वर्ष पुराने ऐतिहासिक बूढ़ातालाब (स्वामी विवेकानंद सरोवर) का कायाकल्प किया जा रहा हैं, कभी गंदा दिखने वाला तालाब अब पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन हुआ है। लेकिन स्मार्ट सिटी व निगम के देखरेख के अभाव में बूढ़ा गार्डन में लगे उपकरण अब धीरे-धीरे कबाड़ में तब्दील होना शुरू हो गया है।

पार्क में लगे लाइट व ओपन जिम पूरा खराब हो गया। ये वही गार्डन है, जहां महापौर एजाज ढेबर ने कहा था कि राजधानी को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने और शहर वासियों को मेट्रो शहरों की तरह मनोरंजन की सुविधा देने का प्रयास किया गया है, पर यहां सुविधा कुछ नहीं है।

बंद पड़ा है लेजर लाइट
शहर में पहली बार लेजर लाइट का सेटअप लगाया गया है। लोकार्पण के समय पर ही लेजर लाइट्स से राज्य की संस्कृति की झलक देखने के साथ ही एनिमल्स की दुनिया सहित कई एंटरटेनिंग शो भी दिखाया गया था। लेकिन अब म्यूजिकल फाउंटेन के साथ सब बंद पड़ा है।

वाटर मोटर बाइक कभी चलता है, तो कभी बंद रहता है
बूढ़ा तालाब में 7 वाटर मोटर बाइक चलाने की प्लानिंग है, लेकिन फिलहाल कभी कभार ही वाटर मोटर बाइक चलाते हुए देखा जा सकता है। वही लोगों के नौका विहार के लिए छह सीटर नाव भी चलती नहीं है।

हाथी-घोड़े गायब, डीजे बंद
बच्चो के मनोरजन के लिए शतरंज व डीजे सिस्टम लगाया गया था, लेकिन महल दो-तीन महीने में पूरा खराब हो गया है। जहां शतरंज के मोहरे से हाथी, घोड़ा, ऊंट व वजीर गायब हो गए हैं। वही डीजे सिस्टम के डांस करने वाले लाइट बंद होने के साथ-साथ पूरा केबल गायब हो गया है।

ओपन जिम टूटे-फूटे
बूढ़ा गार्डन में लोगों के व्यायाम के लिए लगाए गए ओपन जिम के उपकरण पूरा खराब हो गया है। कुछ उपकरणों के लोहे गायब हो चुका हैं।

पेयजल व शौच की सुविधा नही
गार्डन में स्मार्ट नल तो लगा है, लेकिन उसमें से पीने का पानी लोगों को नसीब नहीं होता, क्योंकि वहां से पानी आता ही नहीं है। वहीं शौचालय की व्यवस्था नहीं है।