28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कृषि उपज मंडी में करोड़ों का घोटाला, सराकर के आदेश से दो साल पहले ही दे दिया 11 करोड़ का टेंडर

छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड के आधीन आने वाले कृषि उपज मंडी में करोड़ों का घोटाला सामने आया है

2 min read
Google source verification
MANDI

कृषि उपज मंडी में करोड़ों का घोटाला, सराकर के आदेश से दो साल पहले ही दे दिया 11 करोड़ का टेंडर

रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड के आधीन आने वाले कृषि उपज मंडी में करोड़ों का घोटाला सामने आया है। इसकी शिकायत कृषि विभाग के सचिव तक भी पहुंची है।

चौंकाने वाला घोटाला ऐसे हुआ कि शासन से नोटिफिकेशन जारी होने के दो साल पहले ही 11 करोड़ का टेंडर चहेती कंपनी को दे दिया गया। मामला जगदलपुर की कोपागुड़ा कृषि उपज मंडी का है। यहां 11 अगल-अलग कार्यों के लिए 1 अगस्त 2015 को शासन द्वारा नोटिफिकेशन जारी किया गया था।

इन कार्यों के लिए ग्लोबल निविदा निकाली गई थी। भंडारक्रय नियम के अनुसार टेंडर प्रक्रिया के 45 दिन का समय देना होता है। लेकिन चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 18 सितंबर 2013 रखा गया था। 29 सितंबर 2013 को निविदा खोल दी गई। इसके बाद ठेकेदार को दो दिन के अंदर कार्यादेश जारी कर दिया गया। 11 कार्यों के लिए जारी निविदा में 9 कार्य एक ही ठेकेदार की फर्मों को जारी किया गया।

11 करोड़ के काम में 10 करोड़ का काम एक ही ठेकेदार को दे दिया गया। आरटीआई कार्यकर्ता शेषनारायण शर्मा ने विभागीय मंत्री से लेकर सचिव तक से शिकायत की है। इसके बाद भी जांच शुरू हुई, न ही कार्रवाई की गई।

इन कार्यों के लिए नोटिफिकेशन
- कार्यालय भवन/मेनगेट चेकपोस्ट 93.31 लाख
- कवर्ड ऑक्सन हॉल 144.50 लाख
- खुला नीलाम चबूतरा 01 नग 39.69 लाख
- कवर्ड ऑक्सन हॉल व वाशिंग प्लेटफॉर्म 96.17 लाख
- 8 नग फल गोदाम 62.98 लाख
- 8 नग सब्जी गोदाम 62.98 लाख
- 20 नग दुकानें फुटकर फल-सब्जी 62.98 लाख
- 20 गोदाम 200 मैट्रिक टन की क्षमता 50.50 लाख
- 4 गोदाम 1500 मैट्रिक टन की क्षमता 177.08 लाख
- डब्लूबीएम सडक़ 188.45 लाख
- ओवर टैंक 28.50 लाख

विधान सभा में उठ चुका है मामला
फरवरी में विधानसभा सत्र के दौरान रायपुर ग्रामीण के विधायक सत्यनारायण शर्मा ने इस मामले को अनोखे तरह से उठाया था। उन्होंने कहा था कि शादी होने के तीन साल पहले बच्चा पैदा हो गया। इस पर विभागीय मंत्री रविंद्र चौबे ने मामले की जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था।

जल्द कार्रवाई की जाएगी
कृषि विभाग के सचिव के.डी.पी. राव ने बताया कि मामले की शिकायत मिली है। मंत्री ने भी जांच के निर्देश दिए हैं। जल्द ही इसकी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।