
Kanya vivah sahayata yojana
रायपुर. बलौदाबाजार जिले में कन्या विवाह सहायता योजना में करोड़ों रुपए की गड़बड़ी की गई है। गांव-गांव में घूम रहे दलालों ने लोगों से एडवांस में रुपए लेकर योजना का गैर वाजिब लाभ दिला दिया। इसी वजह से योजना के तहत अन्य जिलों की अपेक्षा जिले में तिगुने से भी अधिक लोगों को 10 करोड़ रुपए से भी ज्यादा का भुगतान किया जा चुका है।
श्रम विभाग द्वारा प्रदेश में चल रही राजमाता विजयाराजे कन्या विवाह सहायता योजना में बलौदाबाजार जिले में घोटाला सामने आया है। इसमें रायपुर मुख्यालय स्थित छत्तीसगढ़ कर्मकार मंडल के सचिव पीएस एल्मा ने जिम्मेदार अधिकारियों पर एफआइआर कराने के लिए कलक्टर को पत्र लिखा है। सचिव ने एक श्रम पदाधिकारी, श्रम निरीक्षक, दो श्रम उप महानिरीक्षकों को वित्तीय अनियमितता का दोषी पाते हुए एफआइआर करने के लिए पत्र जारी किया है।
श्रम विभाग द्वारा चलाई जा रही योजना में वर्ष 2016-17 में जिले में 5300 हितग्राहियों को 10 करोड़ 60 लाख रुपए की सहायता राशि दे दी गई थी। मामले की शिकायत विभागीय मंत्री से होने पर कलक्टर बलौदाबाजार को मामले की जांच के निर्देश दिए गए थे। जांच में यह बात सामने आई कि मूल हितग्राहियों को योजना का लाभ मिला ही नहीं था।
इस तरह घोटाला: अधिकारियों ने दलालों की मदद से ५ से ७ हजार कमीशन लेकर लोगों को राशि जारी की। इसके अलावा फर्जी लोगों के नाम से भी भुगतान किया गया। भाटापारा के शत्रुघन को दस्तावेजों के आधार पर भुगतान हो गया है, लेकिन राशि अप्राप्त मिली। इसके अलावा ग्राम खोखली, धुर्राबांधा के आधा दर्जन से ज्यादा हितग्राहियों को सिर्फ १०-१० हजार रुपए मिले। जबकि, योजना के तहत मजदूर वर्ग के हितग्राहियों को 15 हजार रुपए तक दिया जाता है। बिलाईगढ़ ब्लॉक में 3 हजार से भी ज्यादा लोगों के नाम से करीब 6 करोड़ रुपए निकलवाया गया। जैतपुर में 100 से भी अधिक ग्रामीणों से एडवांस में 5 से 10 हजार रुपए ले लिए गए और इस योजना में 20-20 हजार रुपए दिलवाए गए।
जांच रिपोर्ट विभागीय मुख्यालय और मंत्री के पास जून 2017 में पहुंच गई थी। इसके बाद मंत्री भईया लाल राजवाड़े ने 27 जुलाई 2017 को श्रमायुक्त को पत्र लिख कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। लेकिन मंडल की तत्कालीन सचिव सविता मिश्रा के कार्यकाल में मामला दब गया। एक मामले में गड़बड़ी के आरोप में दो माह पहले विभाग ने उन्हें पद से हटा दिया। अब नए सचिव की पदस्थापना होते ही कार्रवाई के लिए पत्राचार शुरू हो गया है।
चंद्रप्रकाश जोशी, उप श्रम निरीक्षक
श्रम विभाग के मंत्री भईयालाल राजवाड़े ने कहा कि मामले की शिकायत मुझे एक साल पहले एक बैठक में मिली थी, जिसके बाद कलक्टर को मामले की जांच करने को कहा था। इसमें चार अधिकारियों की संलिप्तता पाई गई थी। जिम्मेदारों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
छत्तीसगढ़ सन्ननिर्माण कर्मकार मंडल के सचिव पी.एस. एल्मा ने कहा कि मामले में जांच रिपोर्ट और मंत्री के निर्देशित पत्र मुझे मिले। इसके बाद मैंने मामले में बलौदाबाजार कलक्टर और श्रम विभाग के सचिव को पत्र लिख कर अरोपियों के खिलाफ एफआइआर कराने को कहा है।
Updated on:
27 Aug 2018 02:39 pm
Published on:
27 Aug 2018 11:35 am
बड़ी खबरें
View Allरायपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
