
दादीजी का गजरा और चुनरी महोत्सव की रही धूम
रायपुर. फूलों से सजा ढांढण दादी का अलौकिक दरबार दो दिनों तक आस्था से छलका। सुप्रसिद्ध भजनगायकों ने भक्तों को मंत्रमुग्ध किया। ढांढण दादी की अखंड ज्योति, हवन, पूजा, आरती कर गजरा और चुनरी उत्सव में मातृशक्ति ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। हजारों भक्तों ने दादीजी के दरबार में खुशहाली और सुख-समृद्धि की मन्नतें की।
श्री ढांढण शक्ति परिवार रायपुर की ओर से आयोजित दादीजी भव्य अखिल भारतीय वसंतोत्सव भक्ति और आस्था के संगम में धूमधाम से मनाया गया। महोत्सव में प्रदेश सहित देशभर से श्रद्धालु शामिल हुए। कोलकाता से पधारे कथा वाचक मूलचंद बजाज ने मंगलपाठ कराया। समिति की ओर से भक्तों के रुकने एवं भोजन की व्यवस्था की गई। कार्यक्रम को सफल बनाने समिति के कैलाश बजाज, अनिल भारतिया, रवि बजाज, किशन बजाज, विकास बजाज, ललित बजाज, संतोष बजाज, मुकेश बजाज, चिराग बजाज, भीम बजाज, प्रमोद बजाज, अभिषेक बजाज जुटे रहे।
अनवरत भजन गंगा में लगाए गोते
प्रभारी विनय बजाज ने बताया कि मान्यता है कि शक्ति उपासना के रूप में दादीजी की भक्ति और अलौकिक दरबार में पहुंचने पर सभी तरह के विघ्नों से छुटकारा मिलता है। मनोरथ पूर्ण होते हैं। 26 जनवरी को सुबह 9 बजे दादीजी का महाभिषेक केशर जल एवं दूध से वैदिक मंत्रोच्चार से किया गया। भव्य कलश शोभायात्रा सालासर धाम से अग्रसेन धाम पहुंचीं। दोपहर 1 बजे से कोलकाता, ढांढण, जयपुर से आए भजन गायकों ने रात 9 बजे तक दादीजी की भक्ति का रसपान कराया। अखंड ज्योत का दर्शन, हवन, महाआरती, छप्पन भोग अर्पित किया गया। भजन गंगा के दौरान दादीजी को 101 सवामणी का भोग प्रसाद चढ़ाकर वितरित किया।
Published on:
28 Jan 2020 07:36 pm
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