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गजब के अफसर… सरकारी जमीन को निजी बताने वाले के कहने पर कर दिया सीमांकन

Governmnet Land: रायपुरा में 3.507 हेक्टेयर (लगभग 8.66 एकड़) सरकारी जमीन का सीमांकन मंगलवार को राजस्व अधिकारियों द्वारा कर दिया गया।

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Raipur news रायपुरा में 3.507 हेक्टेयर (लगभग 8.66 एकड़) सरकारी जमीन का सीमांकन मंगलवार को राजस्व अधिकारियों द्वारा कर दिया गया। जबकि, सोमवार को जनचौपाल में कलेक्टर को हाईकोर्ट के आदेश और समस्त दस्तावेज के साथ सीमांकन रोकने के संबंध में शिकायत की गई थी। कलेक्टर ने खुद मामले की जांच करने के निर्देश दिए थे।

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इसके बाद सोमवार को तहसीलदार मणीमुक्ता पाटिल ने पत्रिका को बताया कि सीमांकन के संबंध आपत्ति आ गई है, इसलिए सीमांकन नहीं होगा। इसके बाद भी एसडीएम देवेंद्र पटले के आदेश पर सीमांकन की टीम मंगलवार को पहुंची। पत्रिका टीम मौके पर मौजूद थी। आरआई और पटवारी ने सीमांकन करके रिपोर्ट बना दी है। पत्रिका ने फिर से तहसीलदार से इस संबंध में चर्चा की तो उन्होंने सीमांकन होने की जानकारी नहीं होने की बात कही। जबकि उन्होंने सीमांकन आदेश जारी किया था। मामले का खुलासा होने के बाद भी उन्होंने सीमांकन आदेश को स्थगित नहीं किया।

यह है मामला

बता दें कि खसरा नं. 59 रकबा 1.461 हेक्टेयर तथा खसरा नं. 76/1 रकबा 2.046 हेक्टेयर, कुल रकबा 3.507 हेक्टेयर (लगभग 8.66 एकड़) अधिकार अभिलेख से वर्ष 2009-10 तक घास भूमि के रूप में दर्ज थी। अधिकारियों ने फर्जीवाड़ा करते हुए निजी नाम पर पूरी जमीन को दर्ज कर दिया। यह पूरा खेल एक कंपनी के नाम पर जमीन दर्ज करने के लिए किया गया। बता दें कि 7 मार्च 2022 को भी इसी भूमि का सीमांकन आदेश जारी किया गया था।

फिर से नया आदेश जारी कर। जबकि, हाईकोर्ट ने 10 जनवरी 2012 को आदेश जारी करके राजस्व मंडल के आदेश को निरस्त करते हुए उक्त भूमि को शासकीय मद में ही रखने का आदेश पारित किया। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी राजस्व अधिकारियों ने उक्त जमीन के रिकार्ड को नहीं सुधारा। अब शासकीय भूमि इंडलेस विनियम प्रा.लि., हावड़ा के नाम पर अभिलेखों में दर्ज है।

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हाईकोर्ट के आदेश को भी नहीं माना
तहसीलदार ने मामले में दो साल पहले किए गए आवेदन पर 19 फरवरी को सुनवाई की। मामले की फाइल में हाईकोर्ट का आदेश और आपत्ति से जुड़े समस्त दस्तावेज लगे हुए थे। उसके बाद भी उन्होंने मामले में सीमांकन आदेश जारी कर दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि यह प्रकरण सुनवाई के दौरान ही खारिज नहीं किया गया।

मंगलवार को सीमांकन करवाया गया है। तहसीलदार को कह दिया गया है कि मामले में शासकीय भूमि होने का आदेश जारी कर उसे रिकॉर्ड में दर्ज करवाया जाए। -देवेंद्र पटले, एसडीएम, रायपुर