scriptबैलाडीला में बड़ा हादसा: चट्टान धंसने से 7 मजदूर दबे, तीन ने अपनी जान बचाई, चार की हो गई मौत | 7 laborers buried due to rockslide, 3 saved their lives, four died | Patrika News

बैलाडीला में बड़ा हादसा: चट्टान धंसने से 7 मजदूर दबे, तीन ने अपनी जान बचाई, चार की हो गई मौत

locationदंतेवाड़ाPublished: Feb 28, 2024 11:03:17 am

Submitted by:

Shrishti Singh

Accident in NMDC Plant: एनएमडीसी (NMDC) क्षेत्र में निर्माणाधीन स्क्रीन प्लांट- 3 साइट पर मंगलवार दोपहर तीन से साढ़े तीन बजे के बीच एक भीषण हादसा हुआ। (Accident) यहां पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा धसक जाने से उसके नीचे सात मजदूर दब गए।

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Kirandul (Bailadila) News: एनएमडीसी क्षेत्र में निर्माणाधीन स्क्रीन प्लांट- 3 साइट पर मंगलवार दोपहर तीन से साढ़े तीन बजे के बीच एक भीषण हादसा हुआ। (NMDC) यहां पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा धसक जाने से उसके नीचे सात मजदूर दब गए। इनमें 4 मजदूरों की मौत हो गई। जबकि तीन अपनी जान बचाने में सफल रहे। (Labours Died) यह हादसा तब हुआ जब इस साइट पर पहाडि़यों को तोड़ने के लिए रॉक ब्रेकर का उपयोग किया जा रहा था। (NMDC) इस मशीन का नोजल पहाडि़यों को तोड़ने का काम करता है। (NMDC) काम करते वक्त इसके नोजल के कंपनी से पहाड़ी में दरार आ गई, यह दरार इतनी फैल गई की पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा धंसक गया। (Labours Died) इस हिस्से के धसकने के साथ ही इस काम में लगी हुई यह हैवी मशीन भी लुढ़कती हुई पचास फीट नीचे गिर गई। (NMDC) मशीन के गिरने से चट्टान का हिस्सा भी सरकता हुआ नीचे आ गिरा।
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दूर-दूर तक छा गया अंधेरा

इस भीषण हादसे की आवाज दूर दूर तक फैल गई। (Labours Died) करीब तीन सै टन का मलबा 50 फीट नीचे गिरने से धूल का गुबार उठने लगा। धूल के गुबार की वजह से आसपास अंधेरा सा छा गया था। इस हादसे को दूर दराज तक देखा गया। घबराए लोग भागे- भागे घटनास्थल पर पहुंचने लगे। (NMDC) यहां का नजारा बेहद डरावना था। सैकड़ों टन पत्थर व मिट्टी के मलबे के बीच बीस फुट ऊंची व लंबा चौड़ा राक ब्रेकर धंसा हुआ नजर आया। इससे ही हादसे की गंभीरता समझ में आ गई। (NMDC) आनन- फानन में एनएमडीसी के अधिकारी- कर्मचारी व पुलिस वहां पहुंची। सभी ने मिलकर पहले मलबे का कुछ हिस्सा हटाया तो वहां दो मजदूर दबे मिले। (NMDC) इन्हें गंभीर हालत में अस्पताल भेज दिया गया है, जहा इन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
ऑपरेटर ने कूद कर बचाई जान

रॉक ब्रेकर चलाने वाले ऑपरेटर ने बताया कि वह मशीन को ऑपरेट कर रहा था। लंबे समय से यह मशीन काम कर रही थी। चूंकि यह इलाका चट्टान वाला है इसलिए वह इसे हैवी मोड पर चला रहा था। (Accident) एकाएक मशीन एक ओर झूकने लगी। (Accident) पहले लगा जैसे यह साधारण बात है। पर जब इसकी पोजीशन ज्यादा झुक गई तब हादसे का अंदाजा हो गया। मैंने कूद कर अपनी जान बचाई। देखा कि मशीन लुढ़कती हुई पचास फीट नीचे गिर गई थी।
बेंच बनाकर नहीं किया जा रहा था काम

इस हादसे की वजह जानकारों ने बताई कि स्क्रीनिंग प्लांट बनाने के लिए फाइनओर डंपिंग यार्ड के बाजू की पहाड़ी पर काम चल रहा था। प्लांट के कई स्तर पर काम होना था। इसके लिए पहाड़ी को बेंच की तरह काटकर सीढ़ीनुमा बनाना था। यहीं पर कंपनी से गलती हो गई। उसने बेंच की तरह पहाड़ी को काटने की बजाए पहाड़ी को नीचे से टनलनुमा काट दिया। इससे पहाड़ी नीचे से खोखली हो गई। जब रॉक ब्रेकर ने इसमें ड्रिल किया तो यह कमजोर हिस्सा नीचे बैठ गया।
रिटेनिंग वाल साथ साथ बनाना था जारी

इस पहाड़ी को बचाने के लिए काटे गए हिस्सा के साथ रिटेनिंग वाल बनाने का काम लगातार था। बीते कुछ दिन पहले ही रिटेनिंग वाल का भी एक लंबा हिस्सा गिर गया था। इसलिए निर्माण एंजेसी पहाड़ी को काटने व रिटेनिंग वाल बनाने का काम शिफ्ट- बाई शिफ्ट करवा रही थी। ये सभी सात मजदूर इसी रिटेनिंग वाल को बनाने जुटे हुए थे।
एलएंडटी कर रही है निर्माण

लौह अयस्क को बोल्डर बनाने के बाद इसकी धुलाई की जाती है। लौह अयस्क की धूलाई स्क्रीनिंग प्लांट में की जाती है। चूंकि एनएमडीसी के बैलाडिला आयरन ओर प्रोजेक्ट में उत्पादन दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। इसलिए पूर्व में स्थाापित स्क्रीनिंग प्लांट से चार किमी आगे यह नया साइट बनाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि 1500 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस एसपी- 3 का निर्माण एलएंडटी कंपनी कर रही है।
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घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुच गई है। मलबे में दबे 7 में से चार की मौत हो गई है। वहीं तीन ने अपनी जान बचा ली। हादसे की वजह की जांच की जाएगी। -राय कुमार बर्मन, एडिशनल एसपी

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