
अपनी माता के साथ मंत्री सिंहदेव।
अम्बिकापुर/रायपुर. सरगुजा रियासत की राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव का सोमवार शाम निधन हो गया। उनके साथ ही सरगुजा की राजनीति में इंदिरा युग की एक महत्वपूर्ण कड़ी इतिहास हो गई। दिवंगत देवेंद्र कुमारी सिंहदेव पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की करीबी नेताओं में से एक थीं। बांग्लादेश की स्वतंत्रता के बाद 1972 में हुए मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में उन्होंने अम्बिकापुर से चुनाव जीता। प्रकाश चंद्र सेठी के मंत्रिमंडल मेंं उन्हें आवास, पर्यावरण, वित्त एवं पृथक आगम मन्त्री बनाया गया। इसी बीच आपातकाल लगा। केंद्र में पहली बार जनता पार्टी के नेतृत्व में गैर कांग्रेसी सरकार बनी। 4 अक्टूबर 1977 को तत्कालीन सरकार ने इंदिरा गांधी को गिरफ्तार करवा लिया। विरोध में कांग्रेस ने देशभर में प्रदर्शन किया। देवेंद्र कुमारी सिंहदेव ने एेसे प्रदर्शन की अगुवाई की। पुलिस ने लाठीचार्ज किया। पुलिस की लाठियां झेलते हुए वे स्ट्रेचर पर जेल भेजी गईं। अम्बिकापुर सीट एसटी वर्ग के लिए आरक्षित होने की वजह से अगला चुनाव वे नहीं लड़ पाईं। 1980 में उन्होंने बैकुंठपुर से चुनाव लड़कर जीता। अर्जुन सिंह ने उन्हें अपने मंत्रिमंडल में मध्यम एव लघु सिंचाई मन्त्री बनाया। अपनी कार्यशैली और लोकप्रियता की वजह से उन्होंने सरगुजा को मध्य प्रदेश की राजनीति का महत्वपूर्ण केंद्र बना दिया था। बाद में उनके बेटे और उत्तराधिकारी टीएस सिंहदेव सरगुजा रियासत की इस सियासी परंपरा को लेकर आगे बढ़े।
1948 में आईं थी सरगुजा
हिमाचल प्रदेश के जुब्बल रियासत के राजा दिग्विजय सिंह व रानी हेमंत कुवंर की पुत्री देवेन्द्र कुमारी का जन्म 13 जुलाई 1933 को हुआ था। 21 अप्रेल 1948 को उनका विवाह सरगुजा के महाराज मदनेश्वर शरण सिंहदेव के साथ हुआ। उसके बाद वे सरगुजा पहुंचीं। महाराज मदनेश्वर शरण सिंहदेेव बाद में मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव बने।
पांच संतानें
देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव की दो पुत्र व तीन पुत्रियां हंै। इनमें मोहिनी राणा पिंकी, स्वास्थ्य मंत्री त्रिभुवनेश्वर शरण सिंहदेव, आशा सिंहदेव, मंजूश्री आनन्द और अरुणेश्वर शरण सिंहदेव हैं। अरुणेश्वर सिंहदेव की दो संताने आदित्येश्वर शरण सिंहदेव व ऐश्वर्या शरण सिंहदेव हैं।
रियासत की परंपरा व राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव का अंतिम संस्कार बुधवार को सरगुजा रियासत की परंपराओं और राजकीय सम्मान के साथ रानी तालाब पर किया जाएगा। रियासत के जिम्मेदारों और प्रशासनिक अधिकारियों ने मंगलवार को तैयारियों को अंतिम रूप दिया। खाद्य एवं संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत, स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम, लुण्ड्रा विधायक प्रीतम राम आदि मंगलवार को कोठीघर पहुंचे। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री टीएस सिंहदेव भी अम्बिकापुर पहुंच गए हैं। आयुक्त ईमिल लकड़ा, कलेक्टर सारांश मित्तर, एसपी आशुतोष सिंह ने भी कोठीघर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया।
आज ये नेता पहुंचेंगे अम्बिकापुर
देवेंद्र कुमारी सिंहेदव की अंतिमयात्रा में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के अलावा पूरी कैबिनेट, वरिष्ठ विधायक और छत्तीसगढ़ कांग्रेस के पदाधिकारी अम्बिकापुर जा रहे हैं। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, मध्य प्रदेश के श्रम मंत्री नरेन्द्र सिंह सिसोदिया, अजय सिंह राहुल आदि के भी पहुंचने की सूचना है।
Published on:
11 Feb 2020 11:16 pm
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