26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जिस फिल्म के लिए खानी पड़ी थी गालियां, आज 57 साल बाद डायरेक्टर को मिलेगा राज्य अलंकरण पुरस्कार, कहा- यकीन नहीं हो रहा..

chhattisgarh rajyotsav 2022 : खास बात यह कि इसे बनाने में उन्हें कर्ज लेना पड़ा था। समानता का संदेश देने वाली फिल्म के लिए (director Manu Nayak) उस दौर में गालियां तक खानी पड़ी थी..

less than 1 minute read
Google source verification
जिस फिल्म के लिए खानी पड़ी थी गालियां, आज 57 साल बाद डायरेक्टर को मिलेगा राज्य अलंकरण पुरस्कार, कहा- यकीन नहीं हो रहा..

जिस फिल्म के लिए खानी पड़ी थी गालियां, आज 57 साल बाद डायरेक्टर को मिलेगा राज्य अलंकरण पुरस्कार, कहा- यकीन नहीं हो रहा..

रायपुर। राज्योत्सव (chhattisgarh rajyotsav 2022 : ) के मौके पर मनु नायक (Manu Nayak) को किशोर साहू राज्य अलंकरण 2022 से नवाजा जाएगा। 85 वर्षीय नायक ने 1965 में पहली छत्तीसगढ़ी फिल्म कहि देबे संदेश (Kahi debe sandesh) बनाई थी। खास बात यह कि इसे बनाने में उन्हें कर्ज लेना पड़ा था। समानता का संदेश देने वाली फिल्म के लिए उस दौर में गालियां तक खानी पड़ी थी।

नायक ने पत्रिका से खास बातचीत में कहा कि यह पहला सरकारी ( director Manu Nayak) सम्मान है। देरी तो हुई है लेकिन क्या कर सकते हैं। इधर, साहित्य के क्षेत्र में कवि रामेश्वर वैष्णव को 77 की उम्र में पं. सुंदरलाल शर्मा अलंकरण सम्मान दिया जा रहा है। वैष्णव ने कहा कि मुझे तो कोई उम्मीद नहीं थी, मिल गया यही बहुत है।

रामेश्वर वैष्णव ने कही ये बात

रामेश्वर वैष्णव ने बताया, ट्रेन में बाबूलाल नाम का भिखारी मेरे गीत गाकर भीख मांगता था। एक बार मेरे ही गीत पर मुझसे भीख मांगने लगा। मैंने कहा कि इतने अच्छे गीत पर भीख मांग रहे हो। ऐसा मत करो भाई। उसने कहा कि आप मेरे लिए कोई दूसरा गीत लिख दीजिए। मैंने बड़ी मशक्कत के बाद डेढ़ महीने में एक गीत लिखा- बने करे राम मोला अंधरा बनाए...। इस गीत के बाद उसे भी प्रसिद्धि मिली और मुझे भी। उसके तो दिन ही बदल गए। उसने घर ही खरीद लिया। वैष्णव ने बताया कि अब तक मैंने 1 हजार से ज्यादा छत्तीसगढ़ी कविता व गीत लिखे हैं। 21 किताबें हैं। 1967 में पहली कविता लिखी।