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Diwali 2024: दिवाली की डेट को लेकर न हो कंफ्यूज, इस बार बन रहा दो दिन का संयोग, जानें शुभ मुहूर्त…

Diwali 2024: रायपुर पांच दिवसीय दिवाली का उल्लास धनतेरस 29 अक्टूबर से प्रारंभ होगा। 1 नवंबर को अमावस्या तिथि केवल शाम 5.14 बजे तक ही है, इसलिए इस दिन गोवर्धन पूजन होगा।
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रायपुर

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Shradha Jaiswal

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Updated: 19 Oct 2024, 12:03 PM IST

diwali 2024

file photo

Diwali 2024: छत्तीसगढ़ के रायपुर पांच दिवसीय दिवाली का उल्लास धनतेरस 29 अक्टूबर से प्रारंभ होगा। दिवाली अमावस्या तिथि पर प्रदोषकाल में मनाना शास्त्र सम्मत है। इसी संयोग में महालक्ष्मी पूजन का विधान है। शंकराचार्य आश्रम के ज्योतिषी डॉ. इंदुभवानंद महाराज का कहना है कि ऐसा संयोग 31 अक्टूबर को बन रहा है। 1 नवंबर को अमावस्या तिथि केवल शाम 5.14 बजे तक ही है, इसलिए इस दिन गोवर्धन पूजन होगा।

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Diwali 2024: पांच दिनी दिवाली 29 से..

Diwali 2024: आश्रम के प्रमुख इंदुभवानंद महाराज के अनुसार इस बार महालक्ष्मी पूजन तिथि को लेकर कुछ असमंजस की स्थिति बन रही है, जिसे स्पष्ट करते हुए महाराज ने कहा कि काशी के मान्य पंचांग ऋषिकेश के अनुसार कार्तिक कृष्णपक्ष चतुर्दशी, दिन गुरुवार 31 अक्टूबर है। इस दिन अमावस्या तिथि शाम के समय 3.12 बजे से प्रारंभ होकर दूसरे दिन शुक्रवार 1 नवंबर को शाम 5.14 पर समाप्त हो जाएगी। अर्थात शास्त्रों के अनुसार शुक्रवार को अमावस्या तिथि प्रदोष काल में न होने के कारण महालक्ष्मी पूजन 31 अक्टूबर को शुभ है।

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Diwali 2024: प्रदोषकाल और स्थिर वृष लग्न ही शास्त्र सम्मत

इंदुभवानंद महाराज ने बताया कि महालक्ष्मी पूजन के लिए प्रदोष काल और स्थिर लग्न में महालक्ष्मी पूजन करने से लक्ष्मी स्थिर होती हैं। अत: 31 अक्टूबर गुरुवार को दिवाली पर्व है। इससे पहले धनतेरस का पूजन कार्तिक कृष्ण द्वादशी मंगलवार 29 अक्टूबर को है। इसी दिन से पांच दिवसीय दिवाली पर्व का शुभारंभ होता है। 30 अक्टूबर को त्रयोदशी की युति में नरक चतुर्दशी यानी रूप चौदस का व्रत करना चाहिए। पितरों के निमित्त दीपदान करना चाहिए।

दो दिन अमावस्या का संयोग:

कार्तिक कृष्ण अमावस्या शुक्रवार 1 नवंबर को भी पड़ रही है। परंतु प्रदोषकाल नहीं होने से महालक्ष्मी पूजन का मुहूर्त नहीं बन रहा है। परंतु दिवाली का उल्लास दो दिन तक मनाया जा सकता है। क्योंकि इस दिन अन्नकूट गोवर्धन पूजा नहीं होगी। यह पूजा उत्सव 2 नवंबर को कार्तिक शुक्ल द्वितीय शनिवार को पड़ रही है तथा भाईदूज 3 नवंबर रविवार को है।