
DFM घोटाले पर EOW की कार्रवाई, सिर्री में ठेकेदार के घर 5 घंटे तक छानबीन, दस्तावेज जब्त...(photo-patrika)
ED Raid in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के रायपुर में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने डिस्ट्रिक मिनरल फंड (डीएमएफ) घोटाले की जांच करने के लिए कृषि कारोबारियों के रायपुर , राजिम, दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर में 18 ठिकानों पर मंगलवार को छापेमारी की। इसमें रायपुर के शंकर नगर स्थित विनय गर्ग, ला विस्टा अमलीडीह निवासी पवन पोद्दार, शांति नगर भिलाई में विवेकानंद कॉलोनी निवासी सीए आदित्य किशन, रायपुर एवं भिलाई-3 वसुंधरा नगर में अन्ना भूमि ग्रीन टेक प्रा.लि. के संचालक शिवकुमार मोदी, राजिम एवं महासमुंद में उगमराज कोठारी का घर और दफ्तर शामिल हैं।
यह कार्रवाई डीएमएफ फंड से खरीदे गए कृषि उपकरण और अन्य सामानों में गड़बड़ी को लेकर की गई है। यह छापेमारी 70 सदस्यीय टीम द्वारा सुबह 6 बजे एक साथ की गई है। बताया जाता है कि तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में लेनदेन के दस्तावेज, सामानों की आपूर्ति के बिल, दर्जनों संबंधित फर्म के नाम और सप्लाई के ऑर्डर से संबंधित पेपर्स बरामद हुआ है।
उक्त सभी को जांच के लिए जब्त किया गया है। साथ ही कारोबारियों के मोबाइल, लैपटॉप, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, बैंक खाते, उसमें हुए ट्रांजेक्शन, चल-अचल संपत्ति और ज्वेलरी को जांच के दायरे में लिया गया है। बताया जाता है कि तलाशी के दौरान कारोबारियों के ठिकानों से कैश भी मिला है। इसके संबंध में पूछताछ कर ब्योरा लिया जा रहा है।
डीएमएफ की रकम से कृषि कारोबारी विनय गर्ग और उनके सहयोगियों द्वारा कोरबा, जांजगीर चांपा सहित कई अन्य जिलों में पेस्टीसाइड, कृषि उपकरण और अन्य कृषि सामग्री सप्लाई की जिम्मेदारी मिली थी। बताया जाता है कि इसकी आपूर्ति बाजार मूल्य से कई गुना अधिक पर की गई थी। इस लेनदेन में कमीशनखोरी हुई थी। इसकी शिकायत मिलने पर कृषि विभाग के कई अफसरों से पूछताछ करने के बाद छापेमारी की गई गई है।
कृषि उपकरणों की सप्लाई करने वाले सभी कारोबारियों, उनके मैजेनर, सीए, कारोबारी साझेदार और परिजनों से पूछताछ बयान लिया गया है। वहीं जांच के लिए तमाम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को जब्त किया गया है। फिलहाल ईडी की टीम कारोबारियों के ठिकानों में तलाशी पूरी करने के बाद देररात तक लौटेंगे।
Updated on:
04 Sept 2025 11:37 am
Published on:
04 Sept 2025 11:37 am
