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कोरोना वायरस से लडऩे डॉक्टर, इंजीनियर, फार्मासिस्ट और ड्राइवर बने वॉलंटियर्स

महामारी से लडऩे की तैयारी, प्रदेश के 5500 लोगों ने कराया रजिस्ट्रेशन, चरणबद्ध तरीके से दिया जा रहा प्रशिक्षण

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कोरोना वायरस से लडऩे डॉक्टर, इंजीनियर, फार्मासिस्ट और ड्राइवर बने वॉलंटियर्स

कोरोना वायरस से लडऩे डॉक्टर, इंजीनियर, फार्मासिस्ट और ड्राइवर बने वॉलंटियर्स

रायपुर . प्रदेश में कोविड-19 अस्पतालों में महामारी से लडऩे के लिए आपातकालीन स्थिति में स्वास्थ्य विभाग वालंटियर्स की मदद लेगा। इसके लिए तैयारी भी शुरू कर दी है। प्रदेशभर में करीब 5500 वालंटियर्स तैयार किए जा रहे हैं, जिनको चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वालंटियर्स बनने में डॉक्टर, इंजीनियर, फार्मासिस्ट और ड्राइवर तक ने काफी रुचि दिखाई है। स्वास्थ्य सचिव ने गत दिनों एक पत्र जारी किया था, जिसमें उल्लेख किया गया था कि निकट भविष्य में नोवेल कोरोना वायरस से संक्रमण की रोकथाम व नियंत्रण के लिए शासकीय अमले के अतिरिक्त मानव संसाधन की आवश्यकता हो सकती है। जिसे ध्यान में रखते हुए विभिन्न गतिविधियों में सहयोग के लिए युवाओं व नागरिकों को वालंटियर्स और स्वयंसेवी व्यक्तियों को चिह्नितकर गठित करने के लिए हर स्तर पर तत्काल कदम उठाए जाएं। स्वास्थ्य सचिव के निर्देश पर विभाग ने ऑनलाइल पोर्टल बनाया था, जिस पर वालंटियर्स बनने के लिए प्रदेशभर से करीब 5500 लोगों ने आवेदन किया है।

फार्मासिस्ट और 7 ड्राइवर भी तैयार
वालंटियर्स को ट्रेनिंग देने के लिए सप्ताह में एक दिन निर्धारित है। इसमें सभी जिलों से 10-10 लोगों का चयन किया जाता है। ट्रेनिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग के एक आला अधिकारी को बतौर ट्रेनर नियुक्त किया गया है। नाम न छापे जाने की शर्त पर ट्रेनर ने बताया कि वालंटियर्स बनने के लिए काफी लोगों ने इच्छा जाहिर की है। कोरोना वायरस के संबंध में जानकारी और प्रशिक्षण देकर निकट भविष्य में सहयोग के लिए तैयार किया जा रहा है। इसमें 56 फार्मासिस्ट और 7 ड्राइवर हैं, जो अभी से काम करने के लिए तैयार हैं। हालांकि उनकी मदद अभी नहीं ली जा सकती है। उन्हें आपातकालीन स्थित के लिए तैयार किया जा रहा है। प्रदेश में कोरोना का संक्रमण नियंत्रण में है, फिर भी सरकार किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयार रहना चाहती है। वालंटियर्स की सेवा लेने से पहले उन्हें सुरक्षित रहने के उपाय बताए जा रहे हैं, ताकि वे कोरोना के संक्रमण से बच सकें।

ऑनलाइन दे रहे ट्रेनिंग
स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को पहले चरण में डॉक्टर, फार्मासिस्ट और नर्स को कोरोना से रोकथाम और बचाव के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया। 233 लोगों के प्रशिक्षण की व्यवस्था केवल जिला और सीएचसी स्तर पर सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए की गई थी। इंडियन फार्मासिस्ट एसोसिएशन के सदस्य राहुल वर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ स्टेट ब्रांच ने 56 फार्मासिस्ट सदस्यों को वालंटियर्स बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग को नाम सौंपा है। शनिवार को सभी सदस्यों ने ट्रेनिंग ली। आपातकालीन स्थित में जिला मुख्यालयों में स्थापित कोविड-19 अस्पतालों में फार्मासिस्ट सेवा देंगे।

स्वास्थ्य सचिव के निर्देश पर वालंटियर्स तैयार किए जा रहे हैं, ताकि आपातकालीन स्थित में इनकी मदद ली जा सके। हालांकि, प्रदेश की हालत अन्य राज्यों की तुलना में काफी अच्छी है। 5500 लोगों ने वालंटियर्स बनने ऑनलॉइन आवेदन दिया है।
डॉ. अखिलेश त्रिपाठी, उप संचालक एवं प्रवक्ता, स्वास्थ्य विभाग