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व्यापारी को निगल गए सूदखोर पार्षद व सरपंच…!, 6 के बदले ₹12 लाख चुकाया

शहर में एक व्यापारी ने आत्महत्या कर ली। लेकिन जाते जाते उसने 6 पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा है जिसमें उसने कई लोगों पर आरोप लगाए हैं।

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बिलासपुर। रसूखदार सूदखोरों के जाल में फंसे व्यापारी ने सप्ताह भर पूर्व जहर सेवन कर आत्महत्या का प्रयास किया। परिजनों ने निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया, कुछ घंटों बाद व्यापारी की मौत हो गई। परिजनों की शिकायत पर भी सकरी पुलिस ने मामले को दबाने का प्रयास किया। कार्रवाई न होने पर पीड़ित परिवार ने डीआईजी से शिकायत की। सकरी पुलिस अब मामले में परिजनों का बयान दर्ज कर जांच को आगे बढ़ा रही है।

जिले में सूदखोरों का आतंक, पूर्व में हो चुकी है ऐसी घटना
ऋषभ निगम द्वारा सूदखोरों से परेशान होकर जान देने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी बहुत से लोग ऐसा कदम उठा चुके हैं। तोरवा गुरुनानक चौक के पास नाश्ता ठेला लगाने वाले पूरे परिवार ने सूदखोरों से तंग आकर जहर सेवन कर लिया था।

पत्नी ने कहा पुलिस नहीं कर रही कार्रवाई
पति की मौत के बाद शिकायत करने के बाद भी सकरी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो मजबूर होकर एसपी कार्यालय पहुंची ऋषभ की पत्नी श्रुति ने कहा कि पुलिस केवल खानापूर्ति कर रही है। श्रृति निगम ने अप्रैल माह में सूदखोर पार्षद व सरपंच के खिलाफ ब्याज के लिए धमकाने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। उस वक्त भी सकरी पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई। पुलिस अगर सूदखोरी के मामले में तत्पर होती तो शायद ऋ षभ जिंदा होता।

हैरान करने वाली बात यह है कि इतना होने के बाद भी सकरी थाना इस बात को स्वीकार नहीं कर रहा है कि मामला सूदखोरी का है, जबकि पीड़ित परिजनों ने नामजद शिकायत की है, यहां तक कि परिजनों की ओर से यह भी दावा किया जा रहा है कि पुलिस को बकायदा सुसाइड नोट भी दिया गया है जिसमें मृतक व्यापारी ने आरोपियों के नाम और उनके द्वारा किस प्रकार से परेशान किया जा रहा था की पूरी बात लिखी है।

पीड़ितों की शिकायत के अनुसार आसमा कॉलोनी निवासी ऋषभ निगम पिता शिव कुमार निगम (35) ने कोरोना काल के दौरान अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए एक पार्षद, एक सरपंच और एक अन्य आदमी से कुल छह लाख रुपए उधार लिए थे। इसमें सरपंच से दो लाखा व अन्य से चार लाख रुपए लिए गए थे। परिजनों द्वारा बताए जा रहे सुसाइड नोट में लिखा गया है कि ब्याज व मूल सहित पीड़ित ने लगभग 12 लाख 80 हजार रुपए पटा दिया। रुपए देने के बाद भी सूदखोदर पार्षद, सरपंच व अन्य उसे लगातार परेशान कर रहे थे। सूदखोरों की प्रताडऩा से तंग आकर दुकानदार ने 16 सितम्बर को पुलिस अधीक्षक के नाम 6 पन्नो का सुसाइड नोट लिख कर जहर सेवन कर पार्षद व अन्य पर कठोर कार्रवाई की मांग की थी।

ऋषभ की पत्नी श्रृति व भाई अजय निगम को पता चलने पर निजी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। उपचार के दौरान ऋषभ ने दम तोड़ दिया था। मामले में सकरी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच कर डीआईजी पारूल माथुर से शिकायत की तब जाकर सकरी पुलिस हरकत में आई और आनन फानन में परिजनों का बयान दर्ज कर जांच को आगे बढ़ा रही है।

6 पन्नों के सुसाइड नोट में लिखा 4 गुना चुकाया...

सुसाइड नोट में लिखा है कि पार्षद व उनके साथी को मैंने 4 गुना रुपए दिया इस पर उनका कहना था कि ब्याज का पैसा दे रहे हो मूल तो अभी जस का तस है और परेशान कर रहे थे।

पढ़िए पुलिस क्या कह रही है

मामला जांच की प्रकिया में है । कुछ परिजनों का पहले बयान हो गया था, बचे परिजनों का बयान लिया गया है।

उदयभान सिंह, थाना प्रभारी, सकरी

मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है।

राजेन्द्र जायसवाल, एएसपी, शहर