
कोकड़ा कहे सुन टेंगना मोर बात
जइसे ही सहर के बूढ़वा तरिया ल पाटके उहां माल, बेवसायिक परिसर अउ खेलकूद के मइदान बनाय खातिर ‘मेयर इन काउन्सिल’ के बइठक म निरनय ले गिस, तइसने दूसर दिन वो खबर ह अखबारमन म छपिस। कोकड़ा ह ये खबर ल अपन मितान टेंगना मछरी करा जाके बताथे। तब वोहा हड़बड़ावत कहिथे- नइ मितान, तैं लबारी मारत हस। अइसे नइ हो सकय।
कोकड़ा कहिथे- तोर करा कभु लबारी अउ मजाक करे हौं मितान आज तक। नइ पतियावत तब झन पतिया अउ पंदरा दिन के भीतर बड़े-बड़े बुलडोजर पानी खींचे खातिर टैंकर, करेन अउ जेसीबी मसीन आही न तब तुमन ल पता चलही। मोर काम बताय के, सावचेत करे के। अब एती तुमन ल का करना हे तेला तैं अपनी बिरादरी म जाके खबर ल पहुंचा दे। बहुत बड़े आफत के पहाड़ टुटइया हे तुंहरमन ऊपर।
कोकड़ा खबर दे के चलदिस। एती टेंगना के नींद ***** होगे। वोहा अपना बिरादरी के मुखिया भुंडा मछरी करा जाथे। वोला देख के भुंडा ह अटियावत पूछथे- अरे टेंगना, कइसे डरराय अउ झझके कस दिखथस। कुछू खास बात हे का?
टेंगना के मुंह ले बक्का नइ फूटत रिहिस हे। रोआंसी बानी म कहिथे-मालिक गजब होगे, पहाड़ टूटगे, हमरमन ऊपर। बिंदरा बिनासा होवइया हे। कहां जाबो, का करबोन, कइसे जीवन के निरवाह होही। नान-नान लोग-लइका, बिगन मारे के मारे मर जाबो मालिक।
अरे का होगे, तउन ल तो बता। अइसने रमायन पढ़त रहिबे का? भुंडा के बात ल सुनके टेंगना बताथे- मेहा रमायन नइ पढ़त हौं मालिक। जइसे रूस-यूकरेन ल धमकी देवत रिहिस हे, तोर ऊपर हमला करिहौं, तभे चेतबे। यूकरेन वोला मजाक समझत रिहिस अउ एक दिन सिरतोन म यूकरेन ऊपर धावा बोल दिस। वइसने नगर निगम ह बहुत पहिली के धमकावत आवत रिहिस हे के बुढ़वा तरिया ल पाट के इहां माल अउ बेवसायिक परिसर बनाबो कहिके।
कउंवा ह मनपसंद मछरीमन ल गटकिस अउ डकारत जिहां जाना रिहिस तिहां चलदिस। एती कोकड़ा कहिथे- ये कउंवा मतलबी अउ सुवारथी हे मितान। ऐला ककरो दुख-सुख ले कांही लेना-देना नइ राहय। टेंगना कहिथे- अरे छोड़ न मितान। दुनिया म सब तरह के जीव रहिथे। सब ल निभावत चले ले परथे।
हां! हमन का गोठियावत रेहेन? इही आंदोलन के तइयारी चलत हे। नइ मानही तब अदालत जाय के सोचे हंन। बहुत अच्छा निरनय हे। कोकड़ा टेंगना ल बताथे- मोर एकझन मितान हे। हाईकोर्ट म वकील हे। तुमन कइहौ ते मामला वोकर जरिए हाईकोर्ट म डलवा सकत हौं। टेंगना गदगद होके कहिथे- नेकी अउ पुच-पुच मितान। डलवा दे, मैं मोर समाज के मुखियामन ल ये बात ल फोर के समझा देहौं।
ये डहर मछरी समुदाय के मुखिया भुंडा के अगुवाई म बूढ़वा तरिया करा आंदोलन सुरू होगे अउ मेयर, मेयर इन काउंसिल के विरोध म नारा लगना सुुरू होगे। सहर के पत्रकारमन ल ये आंदोलन के जइसे खबर मिलिस, तब इलेक्ट्रानिक अउ प्रिंट मीडिया वालेमन आ गे। धड़ाधड़ कैमरा आन करके फोटो खिंचना सुरू कर दिन। खबर पूरा अधिकारी, नेता, मेयर, मंतरी अउ जजमन करा पहुंच गे।
ये आंदोलन के खबर समुंदर के रहइया मछरी समराट व्हेल ल मिलिस। तब वोहा अपन स्पेसल हवाई जहाज सिप एयरवेज म बइठके सहर आ गे। वोकर आय के खबर सुनिन तहां ले आंदोलन करइया मछरीमन के हौसला बढग़े अउ मछरी समराट व्हेल जिंदाबाद के नारा लगना सुहू होगे। इही बीच कोकड़ा ह टेंगना ल लाके हाईकोर्ट के फैसला के एक कापी वोला देथे। फैसला ये रहिथे- अग्रिम आदेस तक ‘मेयर इन काउन्सिल’ के फैसला ल स्थगित करे जाथे। ये फैसला ल सुनके मछरी बिरादरी म खुसी के लहर फैलगे। तरिया म मछरीमन उछलकूद करत रिहिन हे। खुसी म फटाका फोरिन, मिठई खाइन।
Published on:
13 Feb 2023 04:25 pm
बड़ी खबरें
View Allरायपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
