
जशपुरनगर। हाथियों का आतंक जिले में कम होने का नाम नहीं ले रहा है। आमजन का जीवन हाथियों की वजह से क्षेत्र में पूरी तरह से प्रभावित हो चूका है। जिले के पत्थलगांव क्षेत्र के ग्राम लुडे़ग में शुक्रवार को सुबह लगभग 10:30 बजे हाई स्कूल के पास एक वृद्धा को हाथी ने कुचलकर मौत के घाट उतार दिया। गौरतलब है की वृद्धा मक्के के खेत में मक्का तोड़ने का काम कर रही थी। तभी दल से भटका हुआ एक हाथी वहां पहुंच गया।
घटना के संबंध में जानकारी देते हुए क्षेत्र के वन परीक्षेत्र अधिकारी कृपासिंधु पैकरा ने बताया की शुक्रवार को सुबह लगभग 9:30 बजे लैलूंगा रायगढ़ जिले से भटक कर एक अकेला नर दंतैल हाथी लुडे़ग क्षेत्र में घुस आया था। वन विभाग की ओर से क्षेत्र के ग्रामीणों को मुनादी कराकर इस हाथी को खदेड़ा जा रहा था, इसी दौरान सुबह लगभग 10:30 बजे यह हाथी लुडे़ग हायर सेकेंडरी स्कूल के समीप एक मक्के की बाड़ी में घुस गया, जहां वृद्ध महिला मक्के के खेत में लगे मक्के तोड़ रही थी, हाथी ने वृद्धा को उठाकर वहीं पटक दिया। हाथी के वहां से हटने के बाद ग्रामीणों ने वृद्धा को उठाकर अस्पताल ले जाने की कोशिश की लेकिन वृद्धा ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
ट्रैकिंग नहीं, इसलिए ज्यादा नुकसान
हाथियों से होने वाले नुकसान को लेकर प्रदेश में पीछले 5 वर्ष से कम कर रहे हाथी सबका साथी अभियान, राजशीला फाउंडेशन के सत्येन्द्र कुमार ने बताया कि हाथियों के मूवमेंट को ट्रैक करना सबसे ज्यादा जरूरी है। राज्य सरकार को इसके लिए अत्याधुनिक तकनीक स्थापित करने और प्रॉपर एक्सिक्यूशन की जरूरत है। हाथी कहां है, कहां जा सकता है इसको लेकर जानकारी जरूरी है। यदि इसको फॉलो किया जाए तो काफी नुकसान विशेषकर जन हानि को रोका जा सकता है।
गौरतलब है की यदि हाथी नुकसान कर रहा है तो उसके लिए राज्य सरकार के पास मुआवजा का प्रावधान होता है। लोगों को उससे बदला लेने या लड़ने की बजाय सतर्क रहना होगा। तभी इस धरती पर हाथी और मानव सह अस्तित्व के साथ रहा पाएंगे।
Published on:
08 Oct 2022 04:07 pm
बड़ी खबरें
View Allरायपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
