
कोल ब्लॉक आवंटन घोटाला : इडी ने की जायसवाल नेको की 101 करोड़ रुपए की सम्पत्ति जब्त, जांच जारी
रायपुर. प्रवर्तन निदेशालाय (इडी) रायपुर ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत जायसवाल नेको कंपनी पर कार्रवाई करते हुए 101 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की है। कंपनी पर कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाला व गैरकानूनी रूप से अधिक कोयला निकालने व इसका इस्तेमाल अपने कैप्टिव पॉवर प्लांट में करने का आरोप है।
इडी के मुताबिक रायपुर स्थित जायसवाल नेको इंडस्ट्रीज लिमिटेड सिलतरा की करीब 80करोड़ और बिलासपुर स्थित एकीकृत इस्पात संयंत्र से करीब 21 करोड़ रुपए की सम्पत्ति जब्त की गई है। प्रवर्तन निदेशालय ने जांच में पाया है कि रायगढ़ के गारे पाल्मा-सब ब्लॉक (४-४) को मेसर्स जायसवाल नेको इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने धोखाधड़ी और गलत तरीके से प्राप्त किया था और कंपनी ने अपने कैप्टिव पॉवर प्लांट में बिना किसी अनुमति के कोयला खनन के अवैध उपयोग का सहारा लिया।
जांच अभी जारी : इडी के अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में जांच जारी है। इससे पहले सीबीआइ ने मई २०१४ में नागपुर, रायपुर और रायगढ़ स्थित फैक्ट्री पर छापेमारी करते हुए एफआइआर दर्ज की थी। इसके बाद इडी ने इंडस्ट्रीज व उसके निदेशकों के खिलाफ सीबीआइ द्वारा दर्ज एफआइआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग अधिनियम के तहत जांच शुरू की। सीबीआइ ने जायसवाल नेको इंडस्ट्रीज लिमिटेड और इसके निदेशकों के खिलाफ विशेष न्यायाधीश, पटियाला हाउस, नईदिल्ली में आइपीसी की धारा 420 और 406 के साथ धारा 120 बी के तहत चार्जशीट दाखिल की है।
तफ्तीश के दौरान यह भी सबूत मिले हैं कि वर्ष 2006 से 2015की अवधि में गारे पाल्मा सब-ब्लॉक (4-4), कोयला क्षेत्र से जायसवाल नेको ने करीब 3.80मिलियन टन कोयला निकाला था। कंपनी ने अपने संयंत्र में स्टील एंड पॉवर के उत्पादन के लिए गारे पाल्मा-4, कोयला ब्लॉक का उपयोग किया था।
अवैध कोयला उत्खनन के दौरान कंपनी ने इस दौरान भारी मात्रा में शेयर जारी कर लगभग 1400 करोड़ रुपए एकत्रित किए। इसका उपयोग अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने और अचल संपत्तियों का विस्तार करने में किया गया। 101 करोड़ का लाभ जो कि अनुसूची अपराध से संबंधित गतिविधि के परिणामस्वरूप प्राप्त हुए आय का हिस्सा है। यह सीधे तौर पर अवैध कोयला आवंटन से जुड़ा रहा।
Published on:
14 Jul 2018 09:11 am
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