
Chhattisgarh News: यह दौर एंटरप्रेन्योरशिप का है। अगर आपके पास एक अच्छा आइडिया और उसे इम्प्लीमेंट के बेहतर स्ट्रैटेजी है तो आप एक सफल एंटरप्रेन्योर बन सकती हैं। वैसे भी एंटरप्रेन्योर बनने के लिए किसी खास काबिलियत की जरूरत नहीं होती बल्कि विलपॉवर मायने रखता है। यह कहा वीई हब की सीईओ दीप्ति रावुला ने। वे नवा रायपुर स्थित आईआईएम के ई- सेल के सहयोग से एंटरप्रेन्योर डायलॉग 2.0 में बतौर बेस्ट स्पीकर बोल रहीं थीं।
यह प्रोग्राम एक सक्सेसफुल एंटरप्रेन्योरशिप के लिए कैपेबिलिटी पर बेस्ड था। प्रोग्राम में आईआईएम एलुमिनाई की सक्सेस स्टेारी को भी दिखाया गया। वे वुमन एंटरप्रेन्योर के लिए देश के पहले और एकमात्र राज्य तेलंगाना के नेतृत्व वाले इनक्यूबेटर के टॉप पर हैं। रावुला का नेतृत्व महिला उद्यमियों को तकनीकी, वित्तीय, सरकारी और नीतिगत क्षेत्रों में व्यापक सहायता प्रदान करने तक फैला हुआ है। उनके प्रयासों से देश-विदेश के 5000 से ज्यादा महिला उद्यमियों का सशक्तिकरण हुआ है।
फ्लैक्सिबल माइंडसेट होना चाहिए
दीप्ति ने जोखिम लेने और रातोंरात सफलता की कहानियों को खारिज करने के महत्व पर जोर दिया और एक फ्लैक्सिबल एंटरप्रेन्योरेबल माइंडसेट की वकालत की। आपसी विकास के लिए नेटवर्किंग और मेंटरशिप के महत्व के साथ-साथ लक्ष्य निर्धारित करना महत्वपूर्ण है। रावुला ने फाइनेंसियल लिट्रसी और कॉर्पोरेट एडमिनिस्ट्रेशन को जरूरी बताया। एंटरप्रेन्योर को इनोवेशन के साथ ट्रांसपेरेंसी ब्रांडिंग बनाए रखने के लिए मोटिवेट किया। उन्होंने बताया कि मैं इम्पलीमेंट और लगातार सीखने को जादुई मंत्र मानती हूं।
15 साल तक अमरीका में रहीं
बता दें कि दीप्ति 15 साल तक अमरीका में रहीं। यहां उन्होंने 2002 में सेन डियेगो स्टेट यूनिवर्सिटी से हायर एजुकेशन पूरी की। स्वदेश लौटने पर 2016 में वे तेलंगाना के इलेक्ट्रॉनिक प्रमोशन की जॉइंट डायरेक्टर बनीं। इन दिनों वे तेलंगाना और उससे जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को इंटरप्रेन्योरिशप में नए अवसर प्रदान कर रही हैं। जो लॉकडाउन में उनके लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हुआ है।
Published on:
29 Jan 2024 05:19 pm
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