
खाद्य विभाग ने मारा छापा
रायपुर। Chhattisgarh News: गोरा होना अधिकांश लोगों की चाहत होती है। इसका फायदा उठाकर दवा माफियाओं द्वारा गलत दवाओं का कारोबार जमकर किया जा है। पैंडर्म क्रीम, बेटनोवेट क्रीम और स्किन शाइन क्रीम जैसी एंटी फंगल और एंटी बैक्टीरियल मलहम को गोरा करने वाली क्रीम बताकर बेचा जा रहा था। बिना ड्रग लाइसेंस के बिक्री करने वालों 3 थोक दुकानों पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा छापामार कार्रवाई की गई है। बिना ड्रग लाइसेंस के एलोपैथिक दवाओं के विक्रय करने वाले फ़र्मों के विरुद्ध कार्रवाई कर 12.50 लाख क़ीमत की क्रीम जब्त की गई है। बिना लाइसेंस के एलोपैथिक दवाओं के विक्रय किए जाने की शिकायत पर छापामार कार्रवाई की गई।
दवाओं को सैंपल जांच के लिए भेजा गया
टीम के द्वारा सभी क्रीमों के जांच के लिए सैंपल भी लिया गया है। विभाग के द्वारा इन औषधियों के सप्लायर के संबंध में जांच की जा रही है। कार्रवाई में औषधि निरीक्षक डॉ. परमानंद वर्मा, लक्ष्मी वर्मा, डॉ. टेकचंद धीरहे, नीरज साहू, हंसा साहू शामिल रहे।
नुकसान पहुंचा रही है क्रीम
- क्रीम लगाने के स्थान पर लाल धब्बे हो सकते हैं।
- खुजली, जलन जैसे कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं।
- स्किन कैंसर, एंटीबायटिक का शरीर ने असर करना कम कर दिया है।
इन जगहों पर मारा गया छापा
अग्रवाल कास्मेटिक्स नयापारा, न्यू जगनमल बंजारी रोड, शिव शक्ति स्टोर डूमरतराई में यह क्रीम अवैध रूप से बेची जा रही थी। इन्हीं दुकानों से प्रदेश के कई जनरल व मेडिकल स्टोरों में भी सप्लाई की जा रही थी।
शिकायतें मिल रही थी कि पैंडर्म क्रीम, बेटनोवेट क्रीम और स्किन शाइन क्रीम को बिना डाक्टरों की सलाह के बेचा जा रहा है। जिसके बाद तीन संस्थानों में छापा मार कर कार्रवाई की गई। इन औषधियों के बिना डॉक्टरी सलाह के उपयोग से स्किन कैंसर या स्किन की अन्य बीमारी होने की संभावना रहती है। - बसंत कौशिक, डिप्टी ड्रग कंट्रोलर, रायपुर
Published on:
25 Nov 2023 01:15 pm
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