
FICCI
FICCI: छत्तीसगढ़ के साथ ही देशभर में लगातार बढ़ रहे तस्करी और नकली सामानों के कारोबार पर फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री 'फिक्की'(Federation of Indian Chambers of Commerce and Industry) अंकुश लगाएगा। इसके लिए स्थानीय पुलिस, केंद्रीय एजेंसी, डीआरआई और सेंट्रल जीएसटी के साथ संयुक्त योजना बनाई गई है। ताकि इसका गैरकानूनी कारोबार और तस्करी करने वालों पर अंकुश लगाया जा सके। साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने की योजना बनाई गई है।
बताया जाता है कि राज्य में लगातार तस्करी का सोना, विदेशी सिगरेट, कॉस्मेटिक्स, दवाइयों, ज्वेलरी, रेडीमेड कपड़ों, एल्कोहल, कैपिटल गुड्स और कंज़्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स में बड़े स्तर पर तस्करी हो रही है। इससे राज्य के साथ ही देश की अर्थव्यवस्था को बहुत नुकसान हो रहा है। तस्कर छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के माध्यम से उत्तर पूर्व और तटीय राज्यों से गैरकानूनी सामान की तस्करी कर देशभर के बाजारों में पहुंचाते हैं। तस्करी व नकली सामानों के कारोबार को लेकर 10 जनवरी को फिक्की ने सेमिनार का आयोजन किया गया था। इसमें खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता सुरक्षा मंत्री अमरजीत भगत के साथ ही राज्य पुलिस व केंद्रीय एजेंसियों के अधिकारी शामिल हुए थे।
इनकी सर्वाधिक तस्करी
तस्करी और नकली सामानों का कारोबार करने वाले नागरिकों द्वारा सर्वाधिक उपयोग करने सामानों को खपाते है। इसमें सोना, सिगरेट, कॉस्मेटिक्स, दवाइयां, ज्वेलरी, रेडीमेड कपड़े, एल्कोहल, कैपिटल गुड्स और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स सामान शामिल हैं। डीआईआई की टीम द्वारा पिछले 6 वर्ष में 50 करोड़ का सोना-चांदी और करीब 20 करोड़ का गांजा जब्त कर चुकी है। वहीं इसका कारोबार करने वाले 50 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
ठगी से बचने सामानों का बिल लें
फिक्की के अधिकारियों ने बताया कि नकली सामानों से बचने के लिए ग्राहकों को जागरूक होने के जरूरत है। ताकि किसी भी तरह के शारीरिक, मानसिक नुकसान और ठगी होने पर वह बिल के जरिए शिकायत कर सकें। इसके साक्ष्य मिलने पर पुलिस और संबंधित जांच एजेंसी सीधे कार्रवाई करेगी। वहीं देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान से बचाया जा सकें। बता दें कि नकली सामानों से ब्रांडेड कंपनियों की छवि खराब होने के साथ ही उनके कारोबार पर असर पड़ता है।
नकली वाताहरी वटी का कारोबार करने की सूचना पर खाद्य एवं औषधि प्रशाधन विभाग की टीम ने फरवरी 2023 में महावीर ट्रांसपोर्ट गोंदवारा में छापा मारा था। इसे इंदौर से रायपुर भेजा गया था। सूचना पर औषधि विभाग की टीम ने छापामार 10 बोरी वाताहरी वटी जब्त की थी। इसकी कीमत करीब 25 लाख रुपए थी। इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। बताया जाता है कि पिछले काफी समय से यह खेल चल रहा था।
नकली ऑयल का कारोबार
भनपुरी के गोल्डन मार्केट में जुलाई 2022 में नकली इंजन ऑयल की फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ था। यहां खराब तेल में कैमिकल मिलाकर इंजन ऑयल बनाया जा रहा था। कंपनी वालों की शिकायत पर पुलिस ने छापा मारा। फैक्ट्री से 3136 लीटर नकली ऑयल बरामद किया गया जिसकी कीमत 4 लाख 83 हजार रुपए थी। तलाशी में फैक्ट्री से 12 से ज्यादा नामी कंपनियों के स्टीकर मिले थे। पुलिस ने कटोरा तालाब निवासी राकेश पिंजवानी को गिरफ्तार किया था।
प्रिंटर काट्रिज का भंडाफोड़
पुलिस ने 10 दिसंबर 2022 को मिलेनियम प्लाजा स्थित साक्षी कंप्यूटर सर्विस, गर्ग इंटरप्राइजेस और आईटी मॉल में छापा मारा था। इस दौरान तलाशी में तीनों दुकानों से कैनन कंपनी के 9 नकली प्रिंटर काट्रिज जब्त किया। इस मामले में साक्षी कंप्यूटर के गजेंद्र सिंह राजावत, गर्ग इंटरप्राइजेस के विकास अग्रवाल और आईटी मॉल के संचालक सौरभ नाहटा के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट की धारा 63 के तहत गिरफ्तार किया गया था।
अभिजीत पति, चेयरमैन, फिक्की छत्तीसगढ़ स्टेट काउंसिल ने इसे लेकर कहा, अवैध कारोबार करने वालों को रोकने के लिए लोगों को जागरूकता करने के लिए अभियान चलाने की जरूरत है। इसके लिए फिक्की द्वारा सभी संगठनों को साथ लेकर इस पर अंकुश लगाया जाएगा।
इस संबंध में कौशिफा हसन, डिप्टी डायरेक्टर फिक्की, दिल्ली ने कहा, तस्करी और नकली सामानों का कारोबार करने वाले गिरोह और उससे जुड़े लोगों पर कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है। इसके लिए फिक्की द्वारा देशभर से सभी राज्यों के साथ मिलकर अभियान चलाया जा रहा है।
Published on:
21 Mar 2023 06:44 pm
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