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मृत्यु पर परिवार को मिले आर्थिक मदद इसलिए कोविड के दौर में लोगों ने 10-10 करोड़ तक का टर्म प्लान ले लिया, दो साल में 60 फीसदी ग्रोथ

- राजधानी में 1 लाख के करीब लोगों के पास टर्म प्लान

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बिना प्रीमियम दिए 7 लाख तक का इंश्योरेंस, EPFO खाताधारकों को मिलती है ये बड़ी सुविधाएं

रायपुर. कोविड-19 के दौर में अचानक या सामान्य मृत्यु पर परिवार के लिए आर्थिक मदद के उद्देश्य से टर्म इंश्योरेंस में जबरदस्त इजाफा दर्ज किया गया है।

टर्म इंश्योरेंस की संख्या में पिछले दो साल के भीतर राज्यभर में 50 से 60 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गई है। इंश्यारेंस कंपनियों और इनसे जुड़े विशेषज्ञों से मिली जानकारी के मुताबिक हेल्थ इंश्योरेंस के बाद सबसे ज्यादा टर्म इंश्योरेंस बिक रहा है। इसे बेचने की जरूरत नहीं पड़ रही बल्कि लोग टर्म इंश्योरेंस का नाम लेकर इसे खरीद रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि कम प्रीमियम में ज्यादा सम अश्योर्ड यानि फायदा मिल रहा है। उदाहरण के तौर पर 30 साल उम्र का व्यक्ति यदि 85 साल की उम्र तक 1 करोड़ का टर्म प्लान ले तो, इस बीच किसी भी उम्र में मृत्यु तक परिवार को 1 करोड़ रुपए का सम अश्योर्ड मिलेगा और यदि उनकी सालाना आय 5 लाख रुपए हो तो, उसे सालाना सिर्फ 12 से 15 हजार रुपए का सालाना प्रीमियम देना होगा।

30 फीसदी बढ़ोतरी का एलान
टर्म इंश्योरेंस की डिमांड में तेजी के बाद कई कंपनियों ने जनवरी-2022 से प्रीमियम में 30 फीसदी बढ़ोतरी का एलान कर दिया है। कोविड-19 के दूसरी लहर के बाद ही कुछ कंपनियों ने टर्म इंश्योरेंस के प्लान में 25 फीसदी तक की वृद्धि की थी। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में टर्म इंश्योरेंस की डिमांड में हर साल 60 से 70 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। कई ऐसी भी कंपनी है, जिसमें 100 पॉलिसी में 80 पॉलिसी टर्म इंश्योरेंस की बिक रही है।

रायपुर में 1 लाख लोगों के पास प्लान
बीमा क्षेत्र की कंपनियों के मुताबिक राजधानी में लगभग 1 लाख लोगों के पास टर्म प्लान है। इसमें से 40 से 50 फीसदी का ग्रोथ मार्च 2020 से आया है, जब कोविड-19 की दहशत शुरू हुई थी। अभी हर महीने 30 से 35 हजार लोगों की पूछताछ सामने आ रही है, जिसमें से 10 से 15 लोग टर्म इंश्योरेंस करा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में 55 फीसदी लोगों के पास हेल्थ इंश्योरेंस
कंपनियों के मुताबिक सरकारी क्षेत्र और निजी कंपनियों के ग्रुप इंश्योरेंस सहित व्यक्ति इंश्योरेंस के आंकड़ों पर गौर करें तो छत्तीसगढ़ में 50 से 55 फीसदी लोगों के पास हेल्थ इंश्योरेंस हैं। इसमें से 7 से 15 फीसदी लोग टर्म इंश्योरेंस लेने में रूचि दिखा रहे हैं। राजधानी सहित दुर्ग,भिलाई, बिलासपुर, जगदलपुर, रायगढ़, कोरबा, राजनांदगांव, धमतरी अंबिकापुर, सरगुजा, कर्वधा आदि क्षेत्रों में टर्म इंश्योरेंस की मांग में सबसे ज्यादा तेजी देखनेे को मिल रही है।

फैक्ट फाइल
1. 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2020 तक- 10 से लेकर 50 लाख रुपए तक का टर्म इंश्योरेंस
2. 1 अप्रैल 2020 से नवंबर 2021 तक- 10 लाख से लेकर 10 करोड़ तक का टर्म इंश्यारेंस
3. दो साल में ग्रोथ- 50 से 60 फीसदी

टर्म इंश्योरेंस के लिए जरूरी बातें

1. पॉलिसी धारक के पास आयकर प्रुफ जैसे आईटीआर (रिटर्न फाइल) या फार्म-16 जरूरी
2. पॉलिसी लेने की योग्यता 18 से 60 साल तक
3. 18 से 50 साल तक- 20 गुणा सम अश्योर्ड
4. 51 से 55 साल तक- 15 गुणा सम अश्यार्ड
5. 55 से 60 साल तक- 10 गुणा सम अश्योर्ड

छत्तीसगढ़ में बीते दो वर्षों के भीतर टर्म इंश्योरेंस में 50 से 60 फीसगी ग्रोथ दर्ज किया जा रहा है। 100 पॉलिसी में अब 40 से 45 पॉलिसी टर्म इंश्योरेंस की आ रही है। कम प्रीमियम में ज्यादा सम अश्योर्ड की वजह से टर्म इंश्योरेंस की मांग बढ़ी है। कोरोनाकाल में लोगों ने 10-10 करोड़ तक का प्लान ले रखा है।

- मनीष मुखर्जी ,सीनियर हेल्थ और टर्म इंश्योरेंस एडवाइजर