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गुटीय आधार पर राशि आबंटन से क्षुब्ध सभापति सहित प्रभावित सदस्यों ने दिया धरना

जनपद पंचायत फिंगेश्वर की वन सभापति कीर्ति गजेंद्र निषाद ने जनपद अध्यक्ष पर विकास कार्यों के लिए राशि आबंटन में मनमानी का आरोप लगाते हुए सोमवार से अन्य जनपद सदस्यों के साथ भूख हड़ताल की शुरुआत की।

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गुटीय आधार पर राशि आबंटन से क्षुब्ध सभापति सहित प्रभावित सदस्यों ने दिया धरना

गुटीय आधार पर राशि आबंटन से क्षुब्ध सभापति सहित प्रभावित सदस्यों ने दिया धरना

फिंगेश्वर/कोपरा. जनपद पंचायत फिंगेश्वर में राशि आबंटन को लेकर सदस्यों और जनपद पंचायत अध्यक्ष के बीच जमकर खींचतान चल रही है। पूर्व के 13वें वित्त आयोग की शेष राशि को जनपद अध्यक्ष पुष्पा जगन्नाथ साहू द्वारा अन्य सदस्यों को विश्वास में लिए बिना अपने गुटीय सदस्यों को आबंटित करने की बात को लेकर वन सभापति कीर्ति गजेंद्र निषाद के नेतृत्व में प्रभावित अन्य जनपद सदस्य सोमवार से जनपद परिसर में ही अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन पर बैठ गए।
जनपद पंचायत फिंगेश्वर की वन सभापति कीर्ति गजेंद्र निषाद ने जनपद अध्यक्ष पर विकास कार्यों के लिए राशि आबंटन में मनमानी का आरोप लगाते हुए सोमवार से अन्य जनपद सदस्यों के साथ भूख हड़ताल की शुरुआत की। उनके साथ उनके पति, बच्चे, परिजन, सभापति व जनपद सदस्य आसाराम साहू देवगांव, अर्चना दिलीप साहू पेंड्रा, मालती दिलीप साहू धुरसा, विद्या तुलस साहू जेंजरा, दीपक कुमार साहू लोहरसी सहित अन्य सदस्यों ने भूख हड़ताल पर बैठकर नियम के तहत राशि आबंटन करने की आवाज बुलंद कर रहे हैं।
आंदोलनरत जनपद सदस्यों ने जनपद सशक्तीकरण व 15वें वित्त आयोग की प्रदत्त राशि के आबंटन में विद्वेषपूर्ण आबंटन का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनपद पंचायत में गुटीय आधार पर सिर्फ अपने गुट के सदस्यों को पर्याप्त राशि का आबंटन किया जा रहा है। अन्य सदस्यों के विशेषाधिकार का हनन करते हुए अध्यक्ष राशि आबंटन में मनमानी कर रहा है। जिससे क्षेत्र के लिए विकास कार्यों की स्वीकृति नहीं हो पा रही है और न ही कोई कार्य हो रहे हैं। जनपद अध्यक्ष की इसी मनमानी से क्षुब्ध होकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू किया गया है। जनपद सदस्यों ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में 15वें वित्त की राशि सदस्यों में आबंटित की गई थी, लेकिन बाद में उस प्रस्ताव को निरस्त कर एक भी रुपए की राशि इन 9 सदस्यों को नहीं दी गई। जिसमें जनपद पंचायत उपाध्यक्ष योगेश साहू व जनपद सभापति जगदीश साहू भी शामिल हैं। इसी प्रकार वित्तीय वर्ष 2022-23 में भी 15वें वित्त की राशि का भी अध्यक्ष के द्वारा बंदरबांट कर अपने गुटीय सदस्यों में आबंटन किया गया। जिसके कारण जनपद पंचायत में खींचतान की स्थिति निर्मित हुई है और जनपद सभापति कीर्ति गजेंद्र निषाद के नेतृत्व में भूख हड़ताल पर बैठने मजबूर हो गए हैं।