
ये हैं ट्रिपलआईटी के गोल्डन और सिल्वर स्टूडेंट, डिग्री लेने जापान से पहुंचे
ताबीर हुसैन @ रायपुर। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अंतरराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान नया रायपुर में पहला दीक्षांत समारोह सोमवार को सुबह 11 बजे से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यपाल अनुसुईया उइके थीं। विशिष्ट अतिथि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, तकनीकी शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, आईआईटी दिल्ली के पूर्व निदेशक प्रोफेसर सुरेंद्र प्रसाद थे। अध्यक्षता संस्था के बोर्ड के चेयरमैन अजय चौधरी ने की। आयोजन में सर्वप्रथम शैक्षणिक समारोह शोभायात्रा आगमन, दीप प्रज्जवलन व सरस्वती वंदना, अध्यक्ष बोर्ड द्वारा दीक्षांत समारोह प्रारंभ होने की घोषणा व स्वागत संबोधन, निदेशक प्रतिवेदन, पदकों का वितरण, कुलपति व निदेशक द्वारा उपाधिक वितरण, छात्र प्रतिज्ञा, विशिष्ट अतिथियों द्वारा अभिभाषण, मुख्य अतिथि द्वारा अभिभाषण, राष्ट्रगान संपन्न हुआ। कुल 69 छात्रों को डिग्री दी गईं। ब्वॉजय खादी का क्रीम कलर का कुर्ता पाजामा और गल्र्स इसी कलर में सलवार सूट व साड़ी पहनकर आईं थीं।
मौसी से हुए इंस्पायर, करेंगे रिसर्च
प्रियदर्शनी नगर के शशांक कोटयाण ने 9.21 सीजीपीए से किया है। वे दिन दिनों जापान की क्यू श्यू यूनिवर्सिटी से से मास्टर कर रहे हैं। गोल्ड मैडल लेने जापान से रायपुर आए हैं। आगे की प्लानिंग पीएचडी और उसके बाद फ्रीलांसर रिसर्चर बनना है। शशांक ने बताया कि उनकी मौसी अमरीका में जॉब करती है। उन्होंने बॉयो इन्फर्मेटिक से रिसर्च किया है। जब मैें 12वीं में था उनसे ही रिसर्चर फील्ड में आने के लिए प्रेरित हुआ। पापा सुरेश कोटयाण बिजनेसमैन हैं। मॉम रजनी कोटयाण पापा की कंपनी में एकाउंट देखती हैं
एमटेक करना था इसलिए नहीं की जॉब
अवंति विहार की सृष्टि अग्रवाल ने इलेक्ट्राक्सि एंड कम्यूनिकेशन लेकर पढ़ाई की है। सीजीपीए 9.17 रहा। रविवार को रिहर्सल में पता चला कि सिल्वर मैडल मिलेगा। एक कंपनी में जॉब भी मिल गई थी लेकिन आगे गेट के थ्रूव एमटेक करना है, इसलिए जॉब नहीं कर रहीं। पापा बीएल अग्रवाल फूड डिपार्टमेंट में हैं जबकि मॉम सुनीता हाउस वाइफ हैं। सृष्टि फैमिली के साथ मैडल लेने पहुंचीं।
लोन लेने वाले की विश्वसनीयता परखती है अंकिता
एआई से अवनी विहार रायपुर की रहने वाली अंकिता ऐशतिल्या ने 9.45 सीजीपीए माक्र्स से कम्प्यूटर साइंस किया है। वे बैंगलोर में एआई की फील्ड में जॉब कर रही हैं। वे लोन लेने वालों के फेस और डॉक्यूमेंट देखकर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के माध्यम से अप्रवूल करती हैं। वे ये पता लगाती हैं कि लोन लेने वाला बंदा कितना विश्वसनीय है। जॉब के बाद अंकिता ने मास्टर की प्लानिंग की है क्योंकि इसके लिए इंडस्ट्रीज का एक्सपीरियंस चाहिए। पापा गिरधारी ऐशतिल्या बिजनेसमैन हैं। मॉम वीना ऐशतिल्या हाउसवाइफ। उन्हें सिलवर मैडल मिला है।
Published on:
18 Nov 2019 02:18 pm

