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वन विभाग ने खरीदी 3 करोड़ की इमली, वनवासियों को मिल रहा दोहरा लाभ

इस बार लॉकडाउन में हाट.बाजार बंद होने से व्यापारियों को इमली खरीदी करने का मौका नहीं मिल सका और इस बीच वन विभाग ने लॉकडाउन ०.2 में छूट मिलते ही स्व सहायता समूहों के जरिए इमली की खरीदी करवाई ताकि ग्रामीणों को लघु वनोपज की बिक्री से आमदनी मिल सके और स्व सहायता समूह की महिलाओं को भी रोजी-रोटी कमाने का मौका मिले।

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वन विभाग ने खरीदी 3 करोड़ की इमली, वनवासियों को मिल रहा दोहरा लाभ

वन विभाग ने खरीदी 3 करोड़ की इमली, वनवासियों को मिल रहा दोहरा लाभ

दंतेवाड़ा. लॉकडाउन से जहां एक तरफ लोग अपने घरों तक सीमित रह गए हैं वहीं वन विभाग ने इसका सकारात्मक उपयोग करते हुए इस बार लघु वनोपज इमली की रेकार्ड तोड़ खरीदी की है। जिले में समर्थन मूल्य पर 3.44 करोड़ रुपए की कुल 11 हजार क्विंटल इमली ग्रामीणों से खरीदी गई। पहली बार जिले में इतने बड़े पैमाने पर इमली की विभागीय खरीदी हो सकी है। इसके पहले ग्रामीण स्थानीय व्यापारियों व कोचियों को औने.पौने दाम पर इमली की बिक्री करते थे। जिसमें उन्हें प्रति किलो बमुश्किल 15 से 20 रुपए दाम ही मिल पाता था।

इस बार लॉकडाउन में हाट.बाजार बंद होने से व्यापारियों को इमली खरीदी करने का मौका नहीं मिल सका और इस बीच वन विभाग ने लॉकडाउन ०.2 में छूट मिलते ही स्व सहायता समूहों के जरिए इमली की खरीदी करवाई ताकि ग्रामीणों को लघु वनोपज की बिक्री से आमदनी मिल सके और स्व सहायता समूह की महिलाओं को भी रोजी-रोटी कमाने का मौका मिले। इस वजह से ज्यादातर इमली सीधे स्व सहायता समूहों के पास पहुंची। इन समूहों ने 31 रुपए प्रति किलोग्राम के समर्थन मूल्य पर इमली की खरीदी की।

प्रसंस्करण से भी आदिवासियों की हो रही आमदनी

वन विभाग ने समर्थन मूल्य पर इमली की खरीदी के जरिए वाजिब दाम दिलवाने के साथ ही अब ग्रामीणों से ही इसका प्रसंस्करण करवाना शुरू किया गया है। इससे ग्रामीणों को इमली बेचने के बाद इसे फोडकऱ बीज निकालने का काम भी मिल गया है। प्रति किलोग्राम इमली की फोड़ाई पर साढ़े 5 रुपए का पारिश्रमिक दिया जा रहा है। दरअसल बीज समेत इमली को आटी इमली और बीज निकाले हुए इमली को फूल इमली के नाम से जाना जाता है। फूल इमली की कीमत बाजार में ज्यादा होती है। इससे वनोपज का वैल्यू एडीशन करने का दोहरा फायदा भी वनवासियों को मिलेगा।

फैक्ट फाइल

3.44 करोड़ रुपए की इमली की हुई खरीदी

11000 क्विंटल इमली खरीदा गया जिले में

80 स्व सहायता समूहों ने की खरीदी

800 महिलाओं को मिला रोजगार

7 लघु वनोपज समितियों से जुड़े हैं सभी स्व सहायता समूह

समर्थन मूल्य पर इमली की खरीदी में इस बार व्यापक सफलता मिली है। वन विभाग ने खरीदी में स्व सहायता समूहों की मदद की है। इससे वन वासियों की इमली उचित मूल्य पर खरीदने के साथ ही उन्हें फूल इमली के तौर पर प्रसंस्करण का काम भी दिलाया जा रहा है। इससे लॉकडाउन में ग्रामीणों को घर बैठे आमदनी कमाने का मौका मिला है।

-संदीप बलगा, डीएफओए, वन मंडल दंतेवाड़ा