
रायपुर. ईडी ने पूर्व आईएएस बाबूलाल अग्रवाल और उनके परिजनों की 27.86 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्तियों को अटैच कर दिया है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत की गई है। इसमें स्टील प्लांट, मशीनरी, बैंक खाते, नकदी, जमीन, और ज्वेलरी शामिल है। इन सभी पर आगामी आदेश तक लेन देन, हस्तांतरण और क्रय-विक्रय पर प्रतिबंध लगाया है। साथ ही इसका पालन नहीं करने पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए है।
ईडी के अधिकारियों ने बताया कि अटैच की गई संपत्तियों को जल्दी कोर्ट के जरिए नीलाम करने की प्रक्रिया की जाएगी। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 9 नवंबर को बाबूलाल अग्रवाल को गिरफ्तार किया था। इसके बाद विशेष कोर्ट पेश कर 2 दिन तक पूछताछ करने के बाद न्यायिक रिमांड पर 5 जेल भेज दिया गया था। वहीं इस समय पूरे मामले की ईडी जांच कर रही है। बता दें कि इसके पहले भी ईडी द्वारा 2017 में आईएएस अफसर के परिजनों द्वारा संचालित प्राइम इस्पात लिमिटेड की 35.49 करोड़ की संपत्ति को अटैच किया गया था। साथ ही मामले को विवेचना में लिया था।
ये संपत्तियां अटैच
ईडी द्वारा अटैच की गई संपत्तियों में 26.16 करोड़ रुपए का प्लांट और मशीनरी, 291 बैंक खातों का 20.43 लाख, बाबूलाल अग्रवाल के परिजनों द्वारा संचालित मैसर्स एक्सप्रेस माइनिंग प्रालिमिटेड के नाम 39.52 लाख का आवासीय प्लॉट, आयकर तलाशी के दौरान बरामद 15 लाख नगद, मेसर्स कैपस्टोन के बैंक खाते में 4.75 लाख, बाबूलाल अग्रवाल के परिजनों के संयुक्त साझेदारी में खरीदे गए 10.25 लाख का आवासीय प्लाट और सीबीआई द्वारा बरामद किए गए 39.41 लाख नगद और 2 किलो सोना शामिल है। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में इन सभी को अटैच करने के बाद आईटी और सीबीआई द्वारा हस्तांतरित किया जाएगा।
Published on:
28 Nov 2020 08:48 pm
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