
Ganesh Utsav 2024
Ganesh Utsav 2024: @ दिनेश यदु। छत्तीसगढ़ में गणेश उत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार प्रदेश में करीब 50 से 60 हजार गणेश प्रतिमाओं का निर्माण किया जा रहा है। रायपुर, राजनांदगांव, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा, बिलासपुर सहित अन्य जिलों में लगभग 1500 मूर्तिकार इन प्रतिमाओं का निर्माण कर रहे हैं।
मूर्तिकार विपिन भगत ने बताया कि हाल के वर्षों में ऑनलाइन बिक्री का भी चलन बढ़ा है। मूर्तिकार और कलाकार अपने उत्पादों को सोशल मीडिया और ई-कॉमर्स वेबसाइट्स के जरिए बेच रहे हैं, जिससे उनकी पहुंच दूसरे राज्यों और शहरों तक हो रही है।
इस वर्ष प्रतिमाओं के पर्यावरण संबंधित डिजाइन, आकार और सजावट में काफी विविधता देखने को मिल रही है। गणेश की पारंपरिक मुद्राओं के साथ-साथ आधुनिक स्टाइल की प्रतिमाएं भी तैयार की गई हैं। कारीगरों ने भगवान गणेश को विभिन्न रूपों में दर्शाया है, जैसे बैठे, खड़े, ध्यान में लीन, और अन्य अनोखे स्वरूपों में। ये प्रतिमाएं अपने आकर्षक रंगों और सजावट के कारण खरीदारों के बीच बेहद लोकप्रिय हो रही हैं। छत्तीसगढ़ के कारीगरों का हुनर देशभर में पहचान बना रहा है। अब तो गणेश प्रतिमाएं दूसरे राज्यों जैसे महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, झारखंड, और ओडिशा में भी भेजी जाती हैं, जहां इनकी खूब मांग रहती है।
मूर्तिकार चित्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष देवानंद साहू ने बताया कि प्रतिमा निर्माण के कार्य में लगभग 15 से 20 हजार लोगों को सीधा रोजगार मिल रहा है। इनमें मूर्तिकारों के साथ-साथ रंगकारी, सजावट, परिवहन और बिक्री से जुड़े लोग भी शामिल हैं। यह कार्य मुख्य रूप से जुलाई में शुरू होता है और सितंबर में गणेश चतुर्थी के दौरान अपने चरम पर पहुंचता है। इस समय के दौरान कारीगर दिन-रात मेहनत कर प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में लगे रहते हैं। वर्तमान में प्रदेश में करीब 15 सौ मूर्तिकार हैं, जो अपने परिवार के साथ-साथ लोगों के साथ मिलकर कार्य कर रहे है।
मूर्तिकार परम यादव ने कहा कि हर वर्ष गणेशोत्सव में लोगों की अपेक्षाओं को देखते हुए वे नई और आकर्षक प्रतिमाओं का निर्माण करते हैं। इस बार भी कारीगरों ने खास डिजाइन और रंग-बिरंगी प्रतिमाओं का निर्माण किया है, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। गणेश प्रतिमाओं की मांग में भी इजाफा हुआ है, जिससे मूर्तिकारों को अच्छे ऑर्डर मिल रहे हैं और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है। खास बात यह है कि इस बार अधिकतर मूर्तियां पर्यावरण के अनुकूल शुद्ध मिट्टी से बनाई जा रही हैं, ताकि जल प्रदूषण को कम किया जा सके।
रायपुरा के मूतिकार राशि यादव व सुरेश प्रजापति ने बताया कि बाजारों में गणेश प्रतिमाओं की बिक्री जोरों पर है। शहर के प्रमुख बाजारों के साथ-साथ छोटे कस्बों और ग्रामीण इलाकों में भी इनकी मांग बनी हुई है। छोटे आकार की मूर्तियों की कीमत 500 रुपए से शुरू होकर बड़ी प्रतिमाएं 20 हजार से लाखो रुपए तक बिक रही हैं। बड़ी और विशेष मूर्तियों के लिए प्री-बुकिंग का चलन बढ़ रहा है।
Updated on:
01 Sept 2024 09:24 am
Published on:
01 Sept 2024 08:57 am
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