
Gariaband Crime: छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल ने गरियाबंद जिले के छुरा स्थित लक्ष्मी नारायणा हाॅस्पिटल का लाइसेंस निरस्त करने की अनुशंसा की है। काउंसिल की एथिक्स कमेटी ने यह अनुशंसा एक महिला की मौत की शिकायत के बाद की है। डॉक्टरों ने महिला के बच्चेदानी में कैंसर का हवाला देकर ऑपरेशन किया था।
सर्जरी में लापरवाही की वजह से महिला की हालत बिगड़ती गई और अंतत: कई अस्पतालों में भर्ती होने के बाद 10 मई को आंबेडकर अस्पताल (Gariaband Crime) में मौत हो गई थी। परिजनों ने अस्पताल संचालक व डॉक्टरों की शिकायत गरियाबंद कलेक्टर व एसपी से की थी। इसके बाद मामला छग मेडिकल काउंसिल पहुंचा था।
पत्रिका ने 12 जून के अंक में "डिग्री नहीं, दूसरे के लाइसेंस पर खोल दिया अस्पताल" शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसमें छुरा अस्पताल के केस का भी उल्लेख किया गया है। परिजनों की शिकायत के बाद छग मेडिकल काउंसिल में एथिक्स कमेटी की बैठक हुई। बैठक में अस्पताल की लापरवाही पाई गई और अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने की अनुशंसा की गई है।
यह बैठक काउंसिल के अध्यक्ष व हैल्थ डायरेक्टर ऋतुराज रघुवंशी व कमेटी के सदस्यों की उपस्थिति में हुई। कमेटी ने महिला का ऑपरेशन करने वाले दोनों डॉक्टरों के अलावा नॉन मेडिको अस्पताल संचालिका का पक्ष भी सुना। डॉक्टरों व अस्पताल संचालिका (Gariaband Crime) ने गोलमाल जवाब दिया। इसके बाद कमेटी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कड़ी कार्रवाई का निर्णय लिया। अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने के संबंध में हैल्थ डायरेक्टर व काउंसिल के अध्यक्ष ऋतुराज रघुवंशी आदेश जारी करेंगे। संभावना है कि कुछ दिनों में आदेश जारी हो जाए।
कुल्हाड़ीघाट गरियांबद के भागीरथी मरकाम ने अपनी पत्नी गैंदूबाई के पेट में दर्द होने के बाद 8 अप्रैल को लक्ष्मी नारायणा हॉस्पिटल छुरा में भर्ती कराया था। कलेक्टर व एसपी को की गई शिकायत में बताया गया है कि मेडिकल कॉलेज महासमुंद के एक सर्जन के कहने पर महिला को छुरा ले जाया गया। आरोप है कि बच्चेदानी के ऑपरेशन के दौरान पेट की दूसरी नस काट दी गई। इससे महिला लगातार गंभीर होती गई और अंतत: मौत हो गई।
Updated on:
13 Jun 2024 08:21 am
Published on:
13 Jun 2024 08:21 am
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