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इस कोर्स को करने के बाद मिलती है लाखों की सैलरी, रविशंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी में होगा जल्द शुरू

अगर आप रत्न आभूषण विज्ञान में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो आपके लिए अच्छी खबर। पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में रत्न आभूषण में शुरू होगा कोर्स।
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रायपुर

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Ashish Gupta

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Updated: 5 Jun 2018, 8:10 AM IST

Jems and Jewellry course

इस कोर्स को करने के बाद मिलती है लाखों की सैलरी, रविशंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी में होगा जल्द शुरू

रायपुर . पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में रत्न आभूषण विज्ञान में एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स कराया जाएगा। विशेषज्ञों ने कोर्स का पैटर्न तैयार कर लिया गया है। इस शैक्षणिक सत्र में 30 सीटों पर छात्र-छात्राएं प्रवेश ले सकेंगे। कुलपति ने रत्न आभूषण में डिप्लोमा कोर्स की पढ़ाई कराने का खाका तैयार करवा लिया है। इस कोर्स को अच्छी पहल माना जा रहा है।

रायपुर सराफा एसोसिएशन ने विगत चार वर्षों से रत्न आभूषण कोर्स प्रारंभ कराने को लेकर प्रयासरत था। अभी हाल ही में छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कामर्स के अध्यक्ष जितेंद्र बरलोटा और उपाध्यक्ष हरख मालू के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति केएल वर्मा से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए रत्न आभूषण डिप्लोमा कोर्स को उपयोगी के संबंध में चर्चा की थी। इसके बाद कुलपति ने यह कोर्स प्रारंभ कराने की स्वीकृति दे दी हे।

रायपुर सराफा एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हरख मालू ने बताया कि कई सालों के प्रयास से यह कोर्स प्रारंभ होने जा रहा है। यह खुशी की बात कि रत्न आभूषण उद्योग की ओर युवाओं की रुचि पैदा होगी, जिससे भविष्य की बुनियाद मजबूत होगी। रायपुर में रत्न आभूषण व्यवसाय पर त्रिवर्षीय कौशल विकास स्नातक पाठ्यक्रम प्रारंभ करने का भी प्रस्ताव दिया है।

यह पाठ्यक्रम प्रारंभ होने से छत्तीसगढ़ के युवाओं को सीधे लाभ मिलेगा। अभी छात्र-छात्राओं को यह रत्न आभूषण का कोर्स करने के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ता है। जिसकी पढ़ाई वे यहां कर सकेंगे। जानकारों का मानना है कि रत्न आभूषण उद्योग निर्मातोनमुखी उद्योग बन रहा है। जो देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण साबित होगा। छत्तीसगढ़ सरकार ने रायपुर में ज्वेलरी पार्क की योजना भी बनाई है। एेसी स्थिति में रत्न आभूषण कोर्स से व्यवसाय को गति मिलेगी। युवा तकनीकी रूप से समक्ष होंगे।

पं. रविवि के कुलपति केएल वर्मा ने कहा कि रत्न आभूषण डिप्लोमा कोर्स का पैटर्न तैयार है। वित्तीय स्वीकृति मिलते ही इस सत्र से डिप्लोमा कोर्स की पढ़ाई प्रारंभ होगी। व्यावसायिक पाठ्यक्रम प्रारंभ करना प्राथमिकता है।