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डॉक्टरों के लिए खुशखबरी, अब हर महिने 3 लाख रूपए मिलेगा वेतन, भर्ती के लिए इंटरव्यू शुरू

Recruitment of super specialty doctors in SIMS Bilaspur : सिम्स बिलासपुर में सुपर स्पेशलिटी डॉक्टरों को हर माह 3 लाख रुपए वेतन दिया जाएगा।

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Recruitment of super specialty doctors in SIMS Bilaspur : सिम्स बिलासपुर में सुपर स्पेशलिटी डॉक्टरों को हर माह 3 लाख रुपए वेतन दिया जाएगा। कॉलेज की ऑटोनॉमस कमेटी ने इस संबंध में प्रस्ताव भी पास कर दिया है। प्रदेश में यह किसी भी मेडिकल काॅलेजों के डॉक्टरों काे सबसे ज्यादा वेतन होगा।

शासन की औपचारिक मंजूरी बाकी है, जो जल्द मिलने की संभावना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मार्च के पहले सप्ताह में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का लोकार्पण करेंगे। इसके पहले वहां ओपीडी में मरीजों का इलाज शुरू कर दिया जाएगा। जगदलपुर में भी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनकर तैयार है। वहां भी डॉक्टरों को बिलासपुर की तरह वेतन देने की तैयारी है।

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सिम्स बिलासपुर प्रदेश का पहला सरकारी मेडिकल कॉलेज बन जाएगा, जहां संविदा सुपर स्पेशलिटी डॉक्टरों को सबसे ज्यादा वेतन देगा। ऑटोनॉमस कमेटी ने प्रोफेसर को 3 लाख, एसोसिएट प्रोफेसर को ढाई व असिस्टेंट प्रोफेसर को डेढ़ लाख वेतन देने का प्रस्ताव पास किया है। ऑटोनाॅमस कमेटी में स्वास्थ्य मंत्री समेत संभाग कमिश्नर, डीन व दूसरे मनोनीत सदस्य होते हैं।

इसलिए इस वेतन को शासन की औपचारिक मंजूरी ही बाकी है। नेहरू मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर को 1.90 लाख, एसोसिएट प्रोफेसर को 1.55 लाख व असिस्टेंट प्रोफेसर को 90 हजार रुपए वेतन हर माह दिया जा रहा है। बिलासपुर में इसी वेतन में अंतर की राशि डीएमएफ से दिया जाएगा। कॉलेज प्रबंधन ने डीएमएफ के लिए कलेक्टर को पहले ही पत्र लिख चुका है। पत्रिका की पड़ताल में पता चला है कि सिम्स में डॉक्टरों के एक साल के वेतन के लिए डीएमएफ से 10 करोड़ पर्याप्त होगा। बाकी वेतन शासन की ओर से दिया जाएगा। कॉलेज की ओर से डॉक्टरों की भर्ती के लिए वॉक इन इंटरव्यू किया जा रहा है।


डीकेएस में हर माह ढाई लाख रुपए अभी यह प्रदेश में सबसे ज्यादा
राजधानी स्थित डीकेएस प्रदेश का पहला सुपर स्पेशलिटी अस्पताल है। अक्टूबर 2018 में यह शुरू हुआ है। वहां सुपर स्पेशलिटी विभाग के संविदा प्रोफेसर को ढाई लाख, एसोसिएट प्रोफेसर को 2 लाख व असिस्टेंट प्रोफेसर को हर माह 1.15 लाख रुपए वेतन दिया जा रहा है। प्रदेश में वर्तमान में यह वेतन सबसे ज्यादा है। इतना वेतन नेहरू मेडिकल कॉलेज व डीकेएस में पदस्थ नियमित सुपर स्पेशलिटी डॉक्टरों को भी नहीं मिल रहा है। उनका वेतन बढ़ाने का मामला अटका हुआ है। जबकि आचार संहिता लगने के पहले डीएमई कार्यालय की ओर से वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव मंत्रालय को भेजा जा चुका है।

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कैथलैब यूनिट लगाने की तैयारी, सीटी स्कैन मशीन भी लगेगी

बिलासपुर में कैथलैब यूनिट लगाने की तैयारी की जा रही है। मशीन आ चुकी है। वहीं सीटी स्कैन मशीन भी लगाई जाएगी। कॉलेज प्रबंधन के अनुसार 13 मशीनें लग चुकी हैं। बाकी मशीनों को लगाने की तैयारी चल रही है।
ये विभाग खुलेंगे
- काॅर्डियोलॉजी
- काॅर्डियो थोरेसिक एंड वेस्कुलर सर्जरी
- न्यूरो सर्जरी
- न्यूरोलॉजी
- नेफ्रोलॉजी
- यूरोलॉजी
- यूरो सर्जरी

सिम्स बिलासपुर की ऑटोनाॅमस कमेटी ने सुपर स्पेशलिटी डॉक्टरों का वेतन डेढ़ से तीन लाख रुपए देने का प्रस्ताव पारित कर दिया है। शासन से अनुमति जल्द मिलने की संभावना है।

- डॉ. विष्णु दत्त, डीएमई

सुपर स्पेशलिटी डॉक्टरों को शासन से तय सैलरी के अलावा डीएमएफ से अंतर की राशि दी जाएगी। इस संबंध में कलेक्टर को पहले ही पत्र लिख चुके हैं। इस माह ओपीडी शुरू हो जाएगी।
- डॉ. केके सहारे, डीन सिम्स बिलासपुर