इस 15 अगस्त से आपके स्मार्ट कार्ड की लिमिट बढ़कर हो जाएगी 5 लाख, नहीं बना तो जल्द बनवा लें

इस 15 अगस्त से आपके स्मार्ट कार्ड की लिमिट बढ़कर हो जाएगी 5 लाख, नहीं बना तो जल्द बनवा लें

Deepak Sahu | Publish: Jun, 08 2018 09:52:18 AM (IST) | Updated: Jun, 08 2018 12:46:50 PM (IST) Raipur, Chhattisgarh, India

छत्तीसगढ़ में स्मार्ट कार्ड से वंचित परिवारों को अब मुफ्त इलाज के लिए और इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

रायपुर. छत्तीसगढ़ में स्मार्ट कार्ड से वंचित परिवारों को अब मुफ्त इलाज के लिए और इंतजार नहीं करना पड़ेगा। राज्य शासन की ओर से नए हेल्थ स्मार्ट कार्ड बनाने की प्रक्रिया अगले सप्ताह से शुरू कर दी जाएगी।

बचे हुए परिवारों के कार्ड अब जल्द ही
राज्य नोडल अधिकारी विजेंद्र कटरे ने बताया कि एमएसबीवाय व आरएसबीवाय के तहत जिले से 1 लाख 55 हजार आवेदन पिछले वर्ष नवंबर में आए थे। जिनके यूआरएन (यूनिक रजिस्टे्रशन नंबर) अपरिहार्य कारणों से भारत सरकार की ओर से जारी नहीं किए गए थे, जो कि कुछ दिनों पूर्व राज्य शासन को प्राप्त हुए हैं। यूआरएन मिलने के साथ ही आला अधिकारियों की ओर से सीएमएचओ को इस संदर्भ इंटीमेशन भेज दिया गया है।

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जिसके बाद जल्द ही सभी वार्डों और ग्राम पंचायतों में शिविर के माध्यम से सभी छूटे हुए परिवारों के फिंगरप्रिंट और फोटोग्राफी की प्रक्रिया के साथ कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। प्रक्रिया शुरू होने के सप्ताह भर के भीतर अधिकारी सभी परिवारों के कार्ड बनने की संभावना जता रहे हैं।

अन्य सात जिलों में भी प्रक्रिया जल्द
राजधानी के अलावा प्रदेश के सात और जिलों के यूआरएन कुछ दिनों पूर्व ही प्राप्त हुए हैं। इस संदर्भ में सभी जिलों के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। इन जिलों में बिलासपुर, मुंगेली, बस्तर, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदाबाजार व दुर्ग शामिल हैं। जहां से लगभग 440668 कार्ड जल्द ही बनाए जाएंगे।

15 अगस्त से 5 लाख का स्वास्थ्य बीमा
प्रदेश के 40 लाख बीपीएल परिवारों को जल्द ही 5 लाख के स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलेगा। राज्य नोडल अधिकारी विजेंद्र कटरे ने बताया कि भारत सरकार की ओर से इसके लिए 15 अगस्त की तिथि निर्धारित की गई है। साथ ही केंद्र की ओर से भेजी गई सूची के आधार पर सभी लोगों का वेरीफिकेशन पूरा कर लिया गया है।

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में चुनिंदा हेल्थ सेंटरों को चिन्हांकित किया जाना है। अब तक केंद्र की ओर से अंतिम गाइडलाइन नहीं जारी की गई है। उन्होंने बताया कि कुछ दिनों पूर्व में केंद्र की ओर से हॉस्पिटलों के लिए इंडीकेटर्स जारी किए गए थे, जबकि इसे वापस से रिवाइज करने का फैसला लिया गया है। भारत सरकार की ओर से पूर्व में भेजे गए निर्देशानुसार ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में सेकंडरी हेल्थ सेंटरों को चिन्हांकित करने निर्देशित किया गया था। जबकि अंतिम निर्णय नहीं हो पाने की वजह से प्रक्रिया में अभी कुछ समय और लगने की संभावना जताई जा रही है।

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