
रायपुर . कश्मीर में पढ़े लिखे लोगों का आतंकवाद की तरफ आकर्षण चिंता का विषय है। आखिर क्या वजह है जो कश्मीर यूनिवर्सिटी का सहायक प्रोफेसर रफ़ी भट इतनी पढ़ाई कर के भी अंततः कट्टरपंथी विचारधारा को अपनाकर आतंवादी बन जाता है?
कश्मीर का कोई समाधान निकल क्यों नहीं रहा? क्या राजनेता यह कार्य करने में अक्षम हैं? क्या सामाजिक संस्थाएं कश्मीरियों को मुख्यधारा में लाने में विफल रहे? क्या देश भर से मुस्लिम समाज के लोगों को कश्मीर में शांति लाने के लिए आगे आना चाहिए? देखिए पूरा डिबेट पत्रिका हल्लाबोल में..