24 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अभी-अभी: बंगाल की खाड़ी में निम्न दबा के कारण प्रदेश के इन जगहों में होगी भारी बारिश

अभी-अभी: बंगाल की खाड़ी में निम्न दबा के कारण प्रदेश के इन जगहों में होगी भारी बारिश
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

रायपुर

•

image

Chandu Nirmalkar

•

Updated: 15 Aug 2018, 6:03 PM IST

CG News

अभी-अभी: बंगाल की खाड़ी में निम्न दबा के कारण प्रदेश के इन जगहों में होगी भारी बारिश

रायपुर. छत्तीसगढ़ में बुधवार को दिनभर बादल छाए रहे हैं। जिसकी वजह से कहीं-कहीं पर हल्की बारिश हुई। दिनभर खंड वर्षा से लोगों को उमस भरी गर्मी का एहसास हुआ। इधर मौसम विभाग ने एक बार फिर से प्रदेश में अलर्ट जारी किया है।

राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के अन्य संभागों पर भारी बारिश की चेतावनी दी है। इससे पहले मंगलवार को प्रदेश के सभी संभागों के जिलों में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम तथा एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई। राजधानी में बुवधर को कुछ एक जगहों में बारिश हुई। वहीं, आने वाले दो से तीन दिनों तक ऐसे ही मौसम रहने की संभावना जताई है।

Read Also: आनंदीबेन पटेल को छत्तीसगढ़ का अतिरिक्त प्रभार, सादगीभरे समारोह में ली राज्यपाल पद की शपथ

जारी किया ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने बारिश को लेकर बुधवार को लिए आरेंज अलर्ट जारी किया है। इससे प्रदेश के दक्षिणी इलाके में एक-दो स्थानों पर भारी से अतिभारी बारिश की संभावना है। जबकि राजधानी में एक-दो बार भारी बारिश हो सकती है। साथ एक-दो बौछारें पड़ सकती है।

सबसे ज्यादा बारिश राजपुर
मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को सबसे ज्यादा बारिश राजपुर में 150 मिमी हुई। इसके बाद पलारी में 70 मिमी, माना एयरपोर्ट में 60 मिमी, पुसौर, प्रेमनगर में 50-50 मिमी, देवभोग, अकलतरा में 40-40 मिमी, सिमगा, छुरा, महासमुंद, अंबागढ़ चौकी, शिवरीनारायण, पामगढ़, बस्तर, कोंडागांव, फरसगांव, भानुप्रतापपुर, भोपालपट्टनम, कटेकल्याण, प्रतापपुर, कुनकुरी में 30-30 मिमी और अनेक स्थानों पर 20-20 मिमी बारिश दर्ज की गई।

बंगाल की खाड़ी में निम्न दबा का क्षेत्र
मौसम विज्ञानियों के अनुसार उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी और समीपवर्ती पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओडिशा के सुदूर तटवर्ती क्षेत्र पर एक सुस्पष्ट निम्नदाब का क्षेत्र बना है। इसके संगत ऊपरी वायु का चक्रवाती घेरा माध्य समुद्र तल से 7.6 किमी ऊंचाई तक विस्तारित है। यह ऊंचाई के साथ दक्षिण - पश्चिम की ओर झुका है। इससे दक्षिणी छत्तीसगढ़ में एक-दो स्थाना पर भारी से अतिभारी बारिश की संभावना है।