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High Blood Pressure: बस पानी पीकर दूर कर सकते हैं बीपी की बिमारी, जानिये क्या है तरीका

High Blood Pressure: इसका समय पर इलाज न किया जाए या ऐसे ही छोड़ दिया जाए तो यह कई तरह की अन्‍य हेल्थ प्रॉब्‍लम्‍स जैसे आंख, ब्रेन और किडनी से संबंधित बीमारियों को जन्म दे सकता है। हालांकि लाइफस्‍टाइल में सिंपल बदलाव करके ब्‍लडप्रेशर के हानिकारक लेवल को कम किया जा सकता है

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High Blood Pressure: बस पानी पीकर दूर कर सकते हैं बीपी की बिमारी, जानिये क्या है तरीका

High Blood Pressure: बस पानी पीकर दूर कर सकते हैं बीपी की बिमारी, जानिये क्या है तरीका

रायपुर. High Blood Pressure: हाई ब्‍लड प्रेशर या हाइपरटेंशन आज आम स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। इसे साइलेंट किलर के रूप में भी जाना जाता है क्‍योंकि इसके लक्षण आसानी से दिखाई नहीं देते हैं। जब दिखाई देते है तो बहुत देर हो चुकी होती है।

इसके अलावा अगर इसका समय पर इलाज न किया जाए या ऐसे ही छोड़ दिया जाए तो यह कई तरह की अन्‍य हेल्थ प्रॉब्‍लम्‍स जैसे आंख, ब्रेन और किडनी से संबंधित बीमारियों को जन्म दे सकता है। हालांकि लाइफस्‍टाइल में सिंपल बदलाव करके ब्‍लडप्रेशर के हानिकारक लेवल को कम किया जा सकता है।

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जी हां नमकीन या सोडियम युक्त फूड्स का सेवन कम करना, फलों, सब्जियों और पोटेशियम युक्त फूड्स का सेवन कम करना, जंक फूड से बचना, फिजिकल एक्टिविटी, स्‍मोकिंग और शराब का सेवन कम करना आदि कुछ परिवर्तनों की सलाह दी जाती है। बीपी को सुरक्षित लेवल पर लाने के तरीकों में से एक पानी पीना है। जी हां आप पानी पीकर भी अपने बीपी को आसानी से कंट्रोल कर सकती है। यह बात हम नहीं कह रहे बल्कि यह बात एक रिसर्च से सामने आई हैं।

ऐसे करें बीपी कंट्रोल

जर्नल ऑफ अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन प्रकाशित एक अध्‍ययन के अनुसार, कैल्शियम और मैग्नीशियम युक्त पानी पीने से आपको ब्‍लडप्रेशर कम करने में हेल्‍प मिल सकती है। अध्ययन में, जो लोग नमकीन पानी पीते थे और जो लोग मीठे पानी पीते थे, उनकी तुलना की गई थी।

जब हम जानते हैं कि सोडियम तेजी से ब्‍लड प्रेशर के लेवल को बढ़ाता है लेकिन फिर भी अध्ययन के दौरान जिन प्रतिभागियों ने नमकीन पानी पिया, उनका बीपी लो था। ऐसा सोडियम की वजह से नहीं था, लेकिन कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे पानी में मिनरल की उपस्थिति के कारण बदलाव आया।

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जो लोग हल्का नमकीन पानी पीते थे, उनमें मीठे पानी की तुलना में औसत सिस्टोलिक ब्‍लडप्रेशर लेवल 1.55 mmHg कम था। औसत डायस्टोलिक ब्‍लडप्रेशर 1.26 mmHg कम था। इस अध्ययन ही नहीं, कई अन्य अध्ययनों से पता चला है कि कैल्शियम और मैग्नीशियम दोनों बीपी को हेल्‍दी लेवल में लाने में हेल्‍प कर सकते हैं।

एक्‍सपर्ट की राय

अध्ययन के परिणामों के संदर्भ में, डॉक्‍टर समीर गुप्ता ने कहा, "कुछ छोटे डेटा हैं जिनसे पता चलता है कि कैल्शियम और मैग्नीशियम हाई ब्‍लडप्रेशर के लिए सुरक्षात्मक हो सकते हैं। उन्होंने आगे कहा, "मैं लोगों को अपने डेली रुटीन पानी की खपत में कैल्शियम या मैग्नीशियम की खुराक जोड़ना शुरू करने के लिए प्रोत्साहित नहीं करूंगा। हेल्‍दी डाइट लेना और रेगुलर एक्‍सरसाइज करना हाई ब्‍लड प्रेशर के जोखिम को कम करने के लिए बेहतर उपाय हैं।''