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शिक्षाकर्मियों की मांगों को लेकर गठित हाई पावर कमेटी पर सरकार ने लिया ये बड़ा फैसला

सरकार ने शिक्षाकर्मियों के लिए गठित हाई पावर कमेटी का कार्यकाल 1 माह के लिए बढ़ा दिया है। यह आदेश विभाग की सचिव रीता शांडिल्य ने जारी किया है।

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High Power Committee's of Shikshakarmi tenure increases one month

रायपुर . छत्तीसगढ़ सरकार ने शिक्षाकर्मियों के लिए गठित हाई पावर कमेटी का कार्यकाल 1 माह के लिए बढ़ा दिया है। यह आदेश सामान्य प्रशासन विभाग की सचिव रीता शांडिल्य ने जारी किया है। मुख्य सचिव अजय सिंह की अध्यक्षता में गठित हाई पावर कमेटी गठित की गई थी। कमेटी को शिक्षाकर्मियों की मांगों को लेकर 3 माह में अपनी रिपोर्ट देनी थी।

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लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी कमेटी ने अब तक अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी। बतादें कि बीते 9 मार्च को मंत्रालय में हुई हाई पॉवर कमेटी की बैठक में संविलियन सहित शिक्षाकर्मियों की नौ सूत्रीय मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई थी।

घंटे भर चली बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से संविलियन के कई प्रस्ताव कमेटी के सामने रखे गए। लेकिन बैठक में कमेटी संविलियन को लेकर किसी भी नतीजे तक नहीं पहुंच पाई।

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एेसे में संविलियन व अन्य मांगों पर आने वाले प्रशासनिक पेंच को देखते हुए कमेटी ने फैसला लिया है कि शिक्षाकर्मी संघों के एक-दो शीर्ष पदाधिकारियों को बुलाकर कमेटी के सामने प्रजेंटेशन लिया जाएगा। इसके लिए 16 मार्च को शाम 4 बजे का समय तय किया गया है।

हाई पावर कमेटी ने 16 मार्च को शिक्षाकर्मियों के विभिन्न संघों को चर्चा के लिए बुलाया है। इसमें शिक्षाकर्मी संघ के पदाधिकारी संविलियन सहित नौ सूत्रीय मांगों को लेकर अपने दस्तावेज कमेटी को सौंपेंगे। हालांकि हाई पावर कमेटी के कार्यक्षेत्र में संविलियन का मुद्दा शामिल नहीं है।

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लेकिन मध्यप्रदेश में हुई संविलियन की घोषणा के बाद माना जा रहा है कि कमेटी संविलियन के मुद्दे पर भी शिक्षाकर्मियों का पक्ष सुनेगी। मालूम हो कि शिक्षाकर्मियों के वेतन और भत्ते पदोन्नति एवं अनुकंपा नियुक्ति और स्थानांतरण नीति को लेकर हाई पावर कमेटी का गठन किया गया है।