
धमतरी। जिला धमतरी के कुरूद स्थित जी - जमगांव में माँ मातंगी दिव्य धाम में राष्ट्रीय गौरव रथ के आगमन पर भव्य, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक स्वागत समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में लगभग 20 से 25 हजार श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय और राष्ट्रभक्ति के वातावरण से ओत-प्रोत कर दिया। धाम के पीठाधीश्वर डॉ. प्रेमा साई जी महाराज के सानिध्य में संपन्न इस आयोजन में राष्ट्र जागरण, सांस्कृतिक एकता और धार्मिक चेतना का संदेश दिया गया।
माँ मातंगी दिव्य धाम, जिसे त्रिकाल दर्शी धाम के रूप में जाना जाता है, आध्यात्मिक साधना के साथ-साथ सामाजिक एवं सांस्कृतिक जागरण के कार्यों के लिए भी प्रसिद्ध है।मीडिया से चर्चा के दौरान डॉ. प्रेमा साई जी महाराज ने हिंदू जागरण, सांस्कृतिक समरसता और राष्ट्र चेतना पर अपने विचार व्यक्त किए।
उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन से आग्रह किया कि महापुरुषों के जीवन और उनके योगदान को शैक्षणिक पाठ्यक्रम में समुचित स्थान दिया जाए, ताकि नई पीढ़ी अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित हो सके। कार्यक्रम के अंतर्गत सायं 5 बजे राष्ट्रीय गौरव रथ का विधिवत पूजन किया गया, जिसके बाद भव्य शोभायात्रा और भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ। श्रद्धा और उत्साह से भरा यह आयोजन रात्रि 11 बजे तक निरंतर चलता रहा।
उल्लेखनीय है कि छावा भारत क्रांति मिशन द्वारा राष्ट्रीय शिव जन्मोत्सव सोहळा 2026 के अंतर्गत नासिक से ओडिशा के जगन्नाथ पुरी तक राष्ट्रीय गौरव रथयात्रा निकाली गई। छत्रपति शिवाजी महाराज की अक्षत प्रतिमा के साथ निकली इस यात्रा ने देशभर में राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक एकता का संदेश प्रसारित किया।
14 फरवरी को कालिका माता मंदिर, नासिक से प्रारंभ हुई यह यात्रा सिन्नर, शिरडी, छत्रपति संभाजीनगर, नागपुर, रायपुर सहित विभिन्न शहरों से होते हुए जगन्नाथ पुरी पहुँची, जहां 19 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय शिव जन्मोत्सव समारोह श्रद्धा और गरिमा के साथ संपन्न हुआ।
माँ मातंगी दिव्य धाम में हुआ यह स्वागत समारोह छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के साथ ही राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक गौरव का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा। आयोजकों ने इसे छत्तीसगढ़ की धरती के लिए गौरवपूर्ण और अविस्मरणीय क्षण बताया।
Published on:
21 Feb 2026 02:36 pm
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