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Hit and Run : तेज रफ़्तार कार ने मारी बाइक को टक्कर, चालक को लोगों ने पकड़ा, किया पुलिस के हवाले

विपरित दिशा से आ रही एक और बाइक सीजी 12 बीएफ 3344 को ठोकर मारा। इसमें लक्ष्मी और संतोष सवार थे। पुलिस ने कार ने चालक पर लापरवाही पूर्वक वाहन चलाकर लक्ष्मी को मारने और तीन लोगों को घायल करने का केस दर्ज किया है। इसकी जांच कर रही है।

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कोरबा. कटघोरा- कोरबा मार्ग पर छुरी सबस्टेशन के पास तेज रफ्तार ने दो बाइक को ठोकर मार दिया। हादसे में एक कोरबा पटेलपारा के रहने वाले एक व्यक्ति की मौत हो गई।

दोनों बाइक पर सवार तीन लोग घायल हो गए। दुर्घटना रविवार देर रात की बताई जा रही है। बाइक सवार संतोष पैकरा और लक्ष्मी पटेल उम्र 47 वर्ष रविवार की रात कटघोरा के रास्ते कोरबा लौट रहे थे। लगभग रात्रि 10 बजे छुरी सब स्टेशन के पास कोरबा से कटघोरा जा रही कार सीटी 22-9265 के चालक ने बाइक को ठोकार मार दिया। लक्ष्मी पटेल को गंभीर चोटें आई। उसे पास के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। परीक्षण कर डॉक्टर ने लक्ष्मी को मृत घोषित कर दिया।

इधर, छुरी के लोगाें ने कार चालक को घेराबंदी करके पकड़ लिया। चालक का नाम सत्यप्रकाश नायक है। वह कटघोरा का निवासी बताया जा रहा है।
घटना के प्रत्यक्षदर्शी चंदन देवांगन ने पुलिस को बताया कि वह (चंदन) अपने दोस्त सुमन कुमार केंवट उम्र 21 वर्ष के साथ एनटीपीसी जमनीपाली जा रहा था। रात लगभग 10 बजे छुरी सब स्टेशन के पास कार ने उसकी बाइक को ठोकर मार दिया। चंदन और सुमन दोनों सड़क पर गिर गए। दोनों को गंभीर चोटें आई। उन्हें ठोकर मारने के बाद कार चालक तेजी से भागने लगा।
इस बीच विपरित दिशा से आ रही एक और बाइक सीजी 12 बीएफ 3344 को ठोकर मारा। इसमें लक्ष्मी और संतोष सवार थे। पुलिस ने कार ने चालक पर लापरवाही पूर्वक वाहन चलाकर लक्ष्मी को मारने और तीन लोगों को घायल करने का केस दर्ज किया है। इसकी जांच कर रही है।

फोकटपारा निवासी लक्ष्मी पटेल पेशे से गाड़ियों की वॉयरिंग का काम करता था। मनेन्द्रगढ़ में एक गाड़ी ब्रेक डाउन होने पर संतोष लक्ष्मी को लेकर बाइक से गया था। दोनों बाइक से ही घर लौट रहे थे। इस बीच हादसे का शिकार हो गए। लक्ष्मी की जान चली गई। लक्ष्मी अपनी कमाई से परिवार के 11 सदस्यों का पालन पोषण करता था। इसमें लक्ष्मी के तीन और पत्नी पूनम पटेल के साथ-साथ लक्ष्मी के बड़े भाई के पांच बच्चे और उसका परिवार भी शामिल था। कुछ माह पहले लक्ष्मी के बड़े भाई की मौत हो गई थी। तब से लक्ष्मी बडे़ भाई के परिवार को अपने साथ रखता था। उसके बच्चों की पढ़ाई से लेकर रोजमर्रा की खर्च भी चलाता था। इस घटना ने परिवार को तोड़ दिया। परिवार में अब कोई ऐसा पुरुष सदस्य नहीं है, जो कमा कर परिवार को पालन पोषण कर सके। पत्नी पूनम पर ही खर्च चलाने का दायित्व आ गया है।