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भीषण गर्मी से तेन्दुपत्तों पर असर , हुआ भारी नुकसान

CG Raipur News : बदलते मौसम के कारण पहले चरण में दक्षिण बस्तर के सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, जगदलपुर, बस्तर और गरियाबंद में तुड़ाई प्रभावित हुई है।

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भीषण गर्मी से तेन्दुपत्तों पर असर , हुआ भारी नुकसान

भीषण गर्मी से तेन्दुपत्तों पर असर , हुआ भारी नुकसान

CG Raipur news : रायपुर में तेंदूपत्ता (हरा सोना) पर मौसम की मार भारी पड़ रही है। लगातार आंधी-तूफान, बारिश और ओला वृष्टि से पत्ते खराब होने के साथ ही उनका रंग काला पड़ रहा है। वहीं पत्तों में नमी के कारण उसमें कीड़े भी लग रहे हैं। इसे देखते हुए विभागीय अधिकारियों ने 16.50 लाख मानक बोरा का लक्ष्य पूरा होने में संशय जताया है। उनका कहना है कि लगातार बदल रहे मौसम के चलते करीब 1 से 1.50 लाख मानक बोरा की कमी आ सकती है। बदलते मौसम के कारण पहले चरण में दक्षिण बस्तर के सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, जगदलपुर, बस्तर और गरियाबंद में तुड़ाई प्रभावित हुई है। बता दें कि प्रदेश में दक्षिण बस्तर का तेंदूपत्ता सबसे अच्छी क्वालिटी का माना जाता है। इसके बाद गरियाबंद और धमतरी के जंगलों में पाए जाने वाला तेंदूपत्ता होता है।

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तापमान का असर

राज्य लघु वनोपज संघ के अधिकारियों का कहना है कि तेंदूपत्ता को पर्याप्त तापमान नहीं मिलने से उसकी रंगत और ग्रोथ प्रभावित हुई है। लंबे समय तक मौसम के खराब होने से प्रतिकूल होने से पत्तों खराब होने के साथ ही उसमें दाग भी पड़ रहे हैं। इसके चलते तुड़ाई और संग्रहण कार्य प्रभावित हुआ है। तेज गर्मी पडऩे पर पत्तों में ग्रोथ आने के साथ ही तुड़ाई में तेजी आएगी। बता दें कि प्रदेश में सबसे पहले दक्षिण बस्तर में 25 अप्रैल और सबसे अंत में सरगुजा संभाग में 10 मई से तोड़ाई शुरू होने के बाद जून के प्रथम सप्ताह तक संग्रहण और परिवहन का काम पूरा हो जाता है।

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प्रदेश में करीब 13 लाख परिवार तेंदूपत्ता का संग्रहण करते है। इसके एवज में राज्य सरकार द्वारा उन्हें प्रति मानक बोरा 4000 रुपए और बोनस दिया जाता है। इसके अलावा संग्राहक परिवार की बीमा, उनके बच्चों को स्कूलों में छात्रवृत्ति, सोलर लाइट, जूता, चप्पल भी दिया जाता है।

लगातार बदल रहे मौसम के चलते तेंदूपत्ता की क्वालिटी और उसके संग्रहण पर असर पड़ा है। इसे देखते हुए निर्धारित लक्ष्य 16.50 लाख पूरा होने पर संशय है।

-अनिल राय, पीसीसीएफ एवं एमडी राज्य लघु वनोपज संघ