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ये दिल्ली का इंडिया गेट नहीं छत्तीसगढ़ का विधि विश्वविद्यालय है, यहां स्टूडेंट्स 6 दिनों से कर रहे आंदोलन

ये दिल्ली का इंडिया गेट नहीं छत्तीसगढ़ का विधि विश्वविद्यालय है, यहां स्टूडेंट्स 6 दिनों से कर रहे आंदोलन

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Chhattisgarh news

ये दिल्ली का इंडिया गेट नहीं छत्तीसगढ़ का विधि विश्वविद्यालय है, यहां स्टूडेंट्स 6 दिनों से कर रहे आंदोलन

रायपुर. राष्ट्रीय हिदायतुल्ला विधि विश्वविद्यालय के छात्रों को देशभर से समर्थन मिल रहा है। सोशल मीडिया के माध्यम से जेएनयू (जवाहर लाल नेहरू विवि) सहित कई महिला संगठन भी आंदोलन के समर्थन में उतर आए हैं। राष्ट्रीय विकासशील महिला संगठन से कविता कृष्णन ने ट्विटर के माध्यम से उनका समर्थन किया है।

उन्होंने लिखा है, कि प्रबंधन द्वारा लगाई गई बंदिशों को लेकर सैकड़ों छात्राएं आंदोलन करने विवश हैं, जो कि भयावह है। वहीं, जेएनयू की स्टूडेंट यूनियन की अध्यक्ष गीता कुमारी ने भी फेसबुक के माध्यम से आंदोलन को समर्थन देते हुए पूर्व कुलपति और वार्डन की नियुक्ति के साथ छात्राओं पर बंदिशों के खिलाफ आवाज उठाई है। वहीं, लिखित आश्वासन के अभाव में सैकड़ों छात्र-छात्राएं अब भी आंदोलन पर डटे हुए हैं।

सभी कक्षाओं के बाद निरंतर विरोध स्वरूप परिसर में खुले आसमान के नीचे रात बिता रहे हैं। इस पर कुलपति की ओर से पूर्व में चर्चा के दौरान 5 अगस्त को दिल्ली से लौटने के बाद मांगों पर निर्णय लेने की बात कही हैं। ऐसे में छात्र लगातार विरोध जारी रखने की बात कह रहे हैं।

आंतरिक परीक्षाओं पर पड़ेगा असर

पिछले 6 दिनों से छात्र-छात्राएं विभिन्न तरीके से विरोध जता रहे हैं। इसका सीधा असर उनकी पढ़ाई पर पड़ रहा है। ऐसे में प्रबंधन की ओर से आंदोलन के दो दिनों बाद ही आंतरिक परीक्षाओं की तिथि को 5 की जगह 12 सितंबर से आयोजित करने का निर्णय लिया था, साथ ही दो दिनों के भीतर मांगों पर निर्णय लेने की बात कही थी। वहीं, आंदोलन के 6 दिनों बाद भी कोई निर्णय नहीं होने से छात्रों में रोष की स्थिति है और वे भूख हड़ताल पर जाने की योजना बना रहे हैं।

कुलपति को ही लेना है निर्णय

कुलपति ने छात्रों और प्रबंधन दोनों से ही चर्चाएं की हैं, जिस पर अंतिम निर्णय उनके प्रवास से लौटने के बाद लिया जाएगा।

अयान हाजरा, कुलसचिव, राष्ट्रीय हिदायतुल्ला विधि विश्वविद्यालय