
शहर के सबसे बड़े चिंगरी नाले की गंदगी सीधे महादेवघाट के करीब खारुन नदी में गिर रही है। इस जगह पर निगम प्रशासन को एसटीपी लगाना था, लेकिन वह प्लान से बाहर नहीं निकला। ऐसे सवाल उठ रहा है कि आस्था का सबसे बड़ा पर्व कार्तिक पुन्नी मेला और सूर्य उपासना के छठपूजा पर्व पर हजारों लोग किस तरह डुबकी लगाएंगे। इन दोनों प्रमुख पर्वों को देखते हुए निगम में नेतापक्ष मीनल चौबे सहित भाजपा पार्षद दल ने महादेवघाट में मंगलवार को जायजा लिया।
नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे का कहना है कि हजारों की संख्या में श्रद्धालु नदी घाट पर जुटते हैं। परंतु महादेवघाट से मात्र 300 मीटर पहले शहर के नाले-नालियों की गंदगी चिंगरी नाले से होकर नदी में मिल रही है। चिंगरी नाला लगभग 70 से 80 फीट चौड़ा है। नदी में सीधे बहाव के कारण इतनी गंदगी और बदबू है कि वहां दो मिनट रुकना मुश्किल होता है। मटमैला और झाग के रूप में गंदगी महादेवघाट की ओर बह रही है, जहां हजारों श्रद्धालु डुबकी लगाएंगे और उसी जल को भगवान महादेव को भी चढ़ाने के लिए मजबूर होंगे।
दो साल केवल प्लान, घेराव का ऐलान
भाजपा पार्षद दल की नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे, उपनेता मनोज वर्मा, जोन अध्यक्ष प्रमोद साहू, प्रवक्ता मृत्युन्जय दुबे, दीपक जायसवाल, गज्जू साहू, भोला साहू , सरिता दुबे , कमलेश वर्मा, चन्द्रपाल धनगर, रवि ध्रुव ने संयुक्त रूप महापौर और निगम आयुक्त पर एसटीपी लगाने में आनाकानी का आरोप लगाया है। जबकि 2 साल पहले से भाजपा पार्षद आवाज़ उठाते हुए सामान्य सभा में मुद्दा उठाया। यदि चिंगरी नाला में एसटीपी का काम शुरू नहीं कराया गया तो महापौर का घेराव करने का ऐलान किया है।
Published on:
18 Oct 2022 09:14 pm
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